हरियाणा में चिंताजनक है गड़बड़ाता लिंगानुपात

यह सचमुच चिंताजनक है। प्रदेश सरकार ने भी लिंगानुपात में काफी अंतर आने को गंभीरता से लिया है। रेवाड़ी, झज्जर, करनाल, हिसार, कुरुक्षेत्र और फरीदाबाद जैसे जिलों की स्थिति काफी चिंतनीय है। प्रदेश सरकार ने उन जिलों के उपायुक्तों को भ्रूण लिंग जांच पर सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं

Created By : Manuj on :07-12-2022 12:14:37 संजय मग्गू खबर सुनें

हरियाणा में चिंताजनक है गड़बड़ाता लिंगानुपात


संजय मग्गू


हरियाणा में एक बार फिर लिंगानुपात गड़बड़ाने लगा है। कई जिलों में यह अनुपात नौ सौ से भी नीचे चला गया है। यह सचमुच चिंताजनक है। प्रदेश सरकार ने भी लिंगानुपात में काफी अंतर आने को गंभीरता से लिया है। रेवाड़ी, झज्जर, करनाल, हिसार, कुरुक्षेत्र और फरीदाबाद जैसे जिलों की स्थिति काफी चिंतनीय है।

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प्रदेश सरकार ने उन जिलों के उपायुक्तों को भ्रूण लिंग जांच पर सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं जिनमें लिंगानुपात खराब स्थिति में पहुंच चुका है। प्रदेश सरकार की सख्ती की वजह से प्रतिबंधित कन्याभ्रूण की जांच कराने वाले दलाल गर्भवती महिलाओं को बहला-फुसलाकर पड़ोसी राजों में ले जाते हैं

और कन्या भ्रूण निकलने पर वहीं गर्भपात करवा देते हैं। इससे हरियाणा सरकार की लिंगानुपात घटाने के प्रयास पर कुठाराघात हो जाता है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में चोरी छिपे कन्याभ्रूण की जांच की जाती है। हालांकि, यह भी सही है कि इन राजों में भी लिंग की जांच प्रतिबंधित है और इन राज्यों की सरकारें अपने यहां गड़बड़ाते लिंगानुपात को लेकर चिंतित भी हैं।

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इसके बावजूद ये सभी अवैध कार्य हरियाणा सहित इन राज्यों में हो रहे हैं। वैसे पिछले कई सालों से हरियाणा सरकार ने काफी सख्ती कर रखी है जिसकी वजह से कई जिलों में कन्या जन्म दर काफी अच्छी स्थिति में पहुंच गई थी। रेवाड़ी में वर्ष 2015 में जहां लिंगानुपात 819 था, वहीं सरकार की सख्ती और प्रयास से 2018 में 913 लिंगानुपात पहुंच गया था।

वैसे भी हरियाणा कन्या भ्रूण हत्या के लिए काफी बदनाम था। मनोहर सरकार के काफी प्रयास के बाद हालात बदलने लगे थे। एक बार तो लगने लगा था कि हरियाणा को कुड़ीमार राज्य होने के कलंक से मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन प्रदेश में सक्रिय दलालों और लालची डॉक्टरों की वजह इस अभिशाप से मुक्ति मिलने में देरी हो रही है। यदि कन्या भ्रूण हत्या रोकना है

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तो प्रदेश सरकार को पड़ोसी राज्यों की सरकारों से संपर्क करके ऐसी क्लीनिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी होगी, ताकि हमारे प्रदेश सहित उन राज्यों में भी कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाई जा सके और प्रदेश के लिंगानुपात को सुधारा जा सके।

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