14 माह का यशस्वी वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर सबसे कम उम्र का बना `Google Boy`

एमपी के रीवा के मासूम यशस्वी ने सिर्फ तीन मिनट में 26 देशों का झंडा पहचान कर विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। साथ ही यशस्वी भारत में सबसे कम आयु का पहला और विश्व में दूसरा गूगल बॉय बन गया है।

Created By : Shiv Kumar on :17-04-2022 17:27:32 यशस्वी खबर सुनें

एजेंसी, रीवा।
केवल 3 मिनट में 26 देशों के राष्ट्रीय झंडा पहचान कर यशस्वी ने विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। जिसके साथ ही यशस्वी भारत का सबसे कम उम्र का प्रथम व विश्व का दूसरा 'गूगल बॉय' बन गया है। यशस्वी ने ये कारनामा महज 14 माह की आयु में कर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपने नाम दर्ज कराया है। वहीं अब यशस्वी 194 देशों के नेशनल फ्लैग पहचानने का नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में जुट गया है।

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आपको इस बात को भी जानकर चौंक जाएंगे कि यशस्वी अभी बोलना नहीं सीख सका है पर सबसे कम आयु में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में दुनिया का पहला बच्चा बन गया है। यशस्वी के दादा अध्यापक हैं। उसके पिता पीआर व मां कानूनविद हैं। रीवा शहर के समान के स्थायी निवासी संजय और शिवानी मिश्रा का सिर्फ 14 महीने का पुत्र यशस्वी विलक्षण व असाधारण प्रतिभा का धनी है। जिसके दम पर यशस्वी भारत के साथ ही विश्व में सबसे कम उम्र का पहला गूगल बॉय बन गया है। गूगल बॉय के नाम से मशहूर कौटिल्य ने चार साल की उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाने का खिताब हासिल किया था। पर यशस्वी ने ये खिताब केवल 14 महीनों की उम्र हासिल करके कारनामा रच दिया है। बचपन से ही यशस्वी अद्भुत याददाश्त का धनी है।


यशस्वी की याददाश्त के बारे में पिता संजय और मां शिवानी मिश्रा को उस वक्त पता लगा जब उन्होंने उसे फूल दिखाया गया। यशस्वी ने उस फूल को पहचान लिया था। यशस्वी को जो कुछ दिखाया जाता था, वो उसे सिर्फ एक बार में ही पहचान जाता था। उसे हर कुछ याद रहता था, उस समय यशस्वी की आयु महज छह से सात महीने की थी। मासूम की इस प्रतिभा देखकर माता पिता को पता चल गया कि नन्हे यशस्वी की अद्भुत याददाश्त है। इसके बाद माता-पिता ने यशस्वी को पहले कई देशों के राष्ट्रीय झंडे दिखाए। जब वो उन झंडों को पहचानने लगा तो झंडों की संख्या बड़ा दी गई। हैरान करने वाली बात है कि यशस्वी ने 11-12 माह की उम्र में ही 65 देशों के राष्ट्रीय झंडे व कई देशों की राजधानी पहचान कर ले रहा था। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम ने यशस्वी को 26 देशों के राष्ट्रीय झंडा पहचानने का टास्क दिया था। जिसे उसने केवल तीन मिनट में पूरा कर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया। यशस्वी यह कारनामा करके ना सिर्फ रीवा बल्कि देश का मान बढ़ाने में सफल रहा है।

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