तकनीक, संवेदनशीलता और सख्ती का संतुलन बनेगी हरियाणा पुलिस : डीजीपी
-डीजीपी अजय सिंघल ने संभाला कार्यभार, पुलिसिंग सुधारों के रोडमैप पर रखा अपना विजन -कानून व्यवस्था से समझौता नहीं, जनता के साथ खड़ी रहेगी हरियाणा पुलिस, कहेगी मेय आई हैल्प यू
हरियाणा के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बृहस्पतिवार को औपचारिक रूप से अपने पद का
देश रोजाना ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बृहस्पतिवार को औपचारिक रूप से अपने पद का कार्यभार संभाल लिया। पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर उन्हें सशस्त्र पुलिस दल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इसके पश्चात उन्होंने निवर्तमान डीजीपी ओपी सिंह से कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर पुलिस मुख्यालय में उपस्थित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पूर्व पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह, एडीजीपी चारू बाली, एडीजीपी संदीप खिरवार, एडीजीपी डा. एम रविकिरण, एडीजीपी अमिताभ ढिल्लों, एडीजीपी हरदीप दून, एडीजीपी शिवास कबिराज, आईजी राकेश आर्य, आईजी कुलदीप सिंह, डीआईजी मनवीर सिंह सहित कई अन्य अधिकारीगण व कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यभार संभालने के बाद डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि पुलिस सेवा एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण और सतत परिवर्तनशील दायित्व है, जिसमें समय के साथ अपराध की प्रकृति, तकनीक और सामाजिक अपेक्षाएं बदलती रहती हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस इन सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए पूर्ण रूप से सक्षम, सजग और प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में सभी चुनौतियों से निपटने के लिए योजनाबद्ध, चरणबद्ध और लक्ष्य-आधारित रणनीति अपनाई जाएगी, ताकि कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस एक संगठित टीम की तरह कार्य करेगी और प्रोफेशनलिज्म, जवाबदेही व संवेदनशीलता के साथ जनता की सेवा सुनिश्चित करेगी।
नए आपराधिक कानूनों से पुलिसिंग होगी अधिक प्रभावी और प्रोएक्टिव :
डीजीपी ने कहा कि नए आपराधिक कानून नए भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए गए हैं, जो सरकार की दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। इन कानूनों के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को अधिक सरल, त्वरित और पीड़ित-केंद्रित बनाया गया है। हरियाणा पुलिस इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू कर पुलिसिंग को पहले से कहीं अधिक प्रोएक्टिव, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और परिणामोन्मुख बनाएगी।
शिकायत निवारण प्रणाली होगी पूरी तरह ऑटोमेटेड और पारदर्शी :
उन्होंने कहा कि आमजन और पुलिस के बीच विश्वास को मजबूत करना सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक सशक्त एवं पूरी तरह ऑटोमेटेड किया जाएगा। शिकायतों की निगरानी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाएगी ताकि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की दोषसिद्धि दर 72- 73 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और इसे निरंतर सुधारते हुए 100 प्रतिशत के लक्ष्य की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे।
महिला सुरक्षा के लिए समर्पित रणनीति और हॉटस्पॉट आधारित कार्य योजना :
डीजीपी ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम के लिए एक व्यापक और प्रभावी रणनीति तैयार की जाएगी। इसके अंतर्गत तकनीक आधारित निगरानी को बढ़ाया जाएगा तथा महिला अपराधों के संवेदनशील क्षेत्रों एवं हॉटस्पॉट्स की पहचान कर वहां विशेष प्लान ऑफ एक्शन लागू किया जाएगा।दलित, शोषित एवं कमजोर वर्गों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देते हुए उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों पर सख्त एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मेय आई हैल्प यू योजना- नागरिकों के लिए भरोसेमंद सुरक्षा कवच
डीजीपी अजय सिंघल ने घोषणा की कि हरियाणा पुलिस शीघ्र ही “मेय आई हैल्प यू” नामक विशेष जन-सहायता योजना शुरू करेगी। यह योजना विशेष रूप से यात्रा करने वाले नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के उद्देश्य से लागू की जाएगी। इस योजना के तहत जरूरतमंद व्यक्ति किसी भी प्रकार की असुविधा, असुरक्षा या आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकेंगे। इसमें स्कूली छात्राएं, कामकाजी महिलाएं, बुजुर्ग महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, रात्रिकालीन यात्रियों सहित समाज के सभी वर्गों को शामिल किया जाएगा। यह पहल हरियाणा पुलिस को अधिक मानवीय, उत्तरदायी और नागरिकों के निकट लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी तथा भरोसे पर आधारित पुलिसिंग को सशक्त बनाएगी।
भर्ती प्रक्रिया और पुलिस बल का विस्तार :
डीजीपी ने जानकारी दी कि 5,500 नए पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया के लिए विज्ञापन जारी हो गया है। इससे हरियाणा पुलिस की कुल संख्या बढ़कर लगभग 60 हजार हो जाएगी। यह कदम पुलिस बल को और अधिक सक्षम, संतुलित और जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने में सहायक होगा।
पुलिसकर्मियों के कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता :
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। पुलिस लाइनों में पुलिसकर्मियों के पारिवारिक आयोजनों एवं विवाह समारोहों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त बैंक्वेट हॉल बनाए जाएंगे, जिनमें 4 से 5 कमरों की व्यवस्था भी होगी। इसके अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की बेटियों के विवाह हेतु 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा हॉस्टल में अध्ययनरत बच्चों के लिए 2 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जाएंगे। इन पहलों का उद्देश्य पुलिस परिवारों को सामाजिक और आर्थिक संबल प्रदान करना है।
स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने की पहल :
स्वच्छता को लेकर डीजीपी ने कहा कि हर थाना एक गांव को गोद लेगा। वहां पुलिसकर्मी ग्रामीणों को स्वच्छता, साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे। इससे न केवल वातावरण को प्रदूषणमुक्त बनाया जाएगा बल्कि समाज और पुलिस के बीच सहभागिता भी मजबूत होगी।
फिरौती और संगठित अपराध के विरुद्ध सख्त चेतावनी :
फिरौती मांगने वाले अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए डीजीपी ने कहा कि ऐसे अपराधों से सख्ती से निपटा जाएगा। हर धमकी भरी कॉल को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेश में बैठकर भय और आतंक फैलाने वाले अपराधियों के विरुद्ध भी कानून के दायरे में रहकर प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। अंत में उन्होंने दोहराया कि हरियाणा पुलिस नागरिकों को सुरक्षित, भयमुक्त और भरोसेमंद वातावरण प्रदान करने के लिए पूर्ण निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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