सरकार की जन एवं मजदूर व किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी को होगी हड़ताल
हड़ताल की तैयारियों को लेकर 31 जनवरी तक सभी जिलों में होंगे संयुक्त सम्मेलन
केन्द्र ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा के संयुक्त आह्वान पर
जींद : केन्द्र ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा के संयुक्त आह्वान पर बृहस्पतिवार को जाट धर्मशाला में महासम्मेलन का आयोजन किया गया। महासम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकार की मजदूर, कर्मचारी और किसान विरोधी नीतियों की आलोचना की और 12 फरवरी को हड़ताल करने का ऐलान किया गया। महासम्मेलन में हड़ताल की ऐतिहासिक सफलता सुनिश्चित करने के लिए संकल्प लिया गया और 31 जनवरी तक सभी जिलों में मजदूर, कर्मचारी व किसानों के संयुक्त सम्मेलन आयोजित करने का फैसला लिया गया। महासम्मेलन अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, इंटक के राज्य प्रधान अमित यादव और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता एवं छज्जू राम कंडेला व ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के राज्य प्रधान सुरेश राठी ने संयुक्त रूप से की। महासम्मेलन में सीटू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं एनसीसीओईईई के संयोजक सुदीप दत्ता, इंजीनियर विकास मलिक,अअखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, ट्रेड यूनियन सीटू हरियाणा के महासचिव जय भगवान व रमेश चन्द्र, इंटक के महासचिव धर्मबीर लोहान,एटक महासचिव अनिल पवार, एचएमएस से एसडी त्यागी, एआईयूटीयूसी के महासचिव हरि प्रकाश, सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव कृष्ण कुमार नैन, पुरानी पेंशन संधर्ष बहाली समिति के महासचिव ऋषि नैन, संयुक्त किसान मोर्चा के नेता सुमित दलाल,सतीष, कवर जीत चीका,आजाद मिरान, जोगेन्दर नैन, रणबीर मलिक, सुखदेव जम्मू व सिराजूदीन आदि पहुंचे और संबोधित किया। बिजली कर्मचारी नेता सुरेश राठी और सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान संजीव डांडा ने महासम्मेलन में हजारों की संख्या में जींद में पहुंचने पर पदाधिकारियों का स्वागत किया।

महासम्मेलन को संबोधित करते हुए नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज एंड इंजीनियर (एनसीसीओईईई) के संयोजक व सीटू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता ने बतौर मुख्य वक्ता संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 29 श्रम कानूनों को खत्म कर चार लेबर कोड्स बनाकर मजदूरों के अस्तित्व को ही खत्म करने का प्रयास किया है। जिसको हम किसी भी तरह लागू नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि मनरेगा को खत्म कर वीबी जी राम जी विधेयक पारित कर मजदूरों की रोजगार की गारंटी को खत्म कर दिया है। न्यूक्लियर एनर्जी कानून (शांति) विधेयक को आनन-फानन में में पारित कर नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालकर इस क्षेत्र को निजी क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के लिए खोल दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिजली वितरण प्रणाली को निजी हाथों में सौंपने के लिए भी बिजली अमेंडमेंट बिल का मसौदा जारी कर दिया है और इस बिल को बजट सत्र में पास कर दिया जाएगा। जिससे बिजली गरीब व किसान की पहुंच से बाहर हो जाएगी और बिजली पर निजी क्षेत्र का कब्जा हो जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि सरकार आगामी सत्र में बीज विधेयक पारित कर किसानों के बीज को ही समाप्त करने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि एसकेएम से जुड़े हजारों की संख्या में किसान बिजली अमेंडमेंट बिल, शांति को बीज विधेयक के खिलाफ 12 फरवरी को सड़कों पर उतरेंगे और राष्ट्रीय आम हड़ताल का समर्थन करेंगे। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि सरकार ठेका कर्मियों को रेगुलर करने, पुरानी पेंशन लागू करने, निजीकरण पर रोक लगाने, वेतन आयोग गठित करने,पांच हजार रुपए अंतरिम राहत देने और रिक्त पदों को भरने को लेकर गंभीर नहीं है। इसलिए हम सभी कर्मचारी संगठनों को साथ लेकर 12 फरवरी को हड़ताल करेंगे। ट्रेड यूनियन नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार 26 हजार न्यूनतम वेतन लागू करने को लेकर गंभीर नहीं है। आंगनवाड़ी, आशा व मिड डे मील वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और न्यूनतम वेतन तक देने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों से सरकार ने श्रम सम्मेलन का आयोजन तक नहीं किया जा। ट्रेन यूनियन और लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार हमले तेज किए जा रहे हैं। इसलिए संगठित और असंगठित क्षेत्र के लाखों की संख्या में मजदूर हड़ताल से शामिल होंगे।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।



