बिना डॉक्टर की सलाह के खुले में बिक रही इंजेक्शन सीरिंज पर रोक लगाएं अधिकारी-डीसी
एनकॉर्ड की बैठक में डीसी अपराजिता ने जारी किए आदेश, एसपी ने रखी थी खुले में सिरिंज बिकने की बात -जिले में खंडहर सरकारी इमारतों में साफ-सफाई के भी दिए डीसी ने आदेश, ताकि नशेड़ियों का अड्डा न
डीसी अपराजिता ने कहा कि जिले में बिना डॉक्टर की सलाह के खुले में बिक रही सिरिंज पर संबंधित अधिकारी आपसी तालमेल बिठाते हुए
डीसी अपराजिता ने कहा कि जिले में बिना डॉक्टर की सलाह के खुले में बिक रही सिरिंज पर संबंधित अधिकारी आपसी तालमेल बिठाते हुए सख्ती से रोक लगाएं। ताकि इन सिरिंज के माध्यम से युवा नशे का प्रयोग न कर सकें। साथ ही जिले में जितनी भी खाली एवं खंडहर सरकारी इमारतें हैं, संबंधित विभाग इन इमारतों में साफ-सफाई करवाएं, ताकि ये जगहें नशेडि़यों के लिए अड्डा न बन सकें।

डीसी अपराजिता ने कहा कि अधिकारी आपस में तालमेल बनाकर नशीली वस्तुओं की बिक्री पर रोक लगाएं। आपसी तालमेल में कोई कमी आती है तो उन्हें सूचित करें। संबंधित एसडीएम अपने क्षेत्र के डीएसपी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर नशा मुक्ति केंद्रों का दौरा करें। वहां दाखिल मरीजों की संख्या, उनकी जरूरतों सहित दवाओं की स्थिति को जांचें। सीएमओ इसमें विशेष सहयोग करें।
डीसी ने कहा कि जिले में झोलाछाप चिकित्सकों द्वारा नशीली दवाएं बिना चिकित्सकों की सलाह बिक्री किए जाने पर अधिकारी सख्त रवैया रखें। इसके लिए नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के नशीली दवाएं, इंजेक्शन चिकित्सकों की सलाह के बिना न बिकें। यदि ऐसा करते हुए कोई पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। यदि कोई लाइसेंस धारक कैमिस्ट भी ऐसा करते हुए पाया जाता है तो उसका लाइसेंस रद्द किया जाए। जिले में जितने भी नशाखोरी के स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, वहां लगातार निगरानी बढ़ाई जाए।
डीसी ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला उच्च शिक्षा अधिकारी को स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला खेल अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि वे खेल केंद्रों पर भी निगरानी रखें और नशे संबंधी कोई बात सामने आती है तो तुरंत कार्रवाई करें।
डीसी ने बैठक में चिन्हित अपराधों पर सुनवाई की समीक्षा करते हुए जिला न्यायवादी से एक-एक करके केसों की जानकारी ली और कहा कि चिन्हित अपराधों में जल्द सुनवाई करवाते हुए पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलवाया जाए। विशेष रूप से पोक्सो सहित महिलाओं से जुड़े अपराधों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए मुस्तैदी से पैरवी की जाए।
एसपी उपासना ने कहा कि पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ विशेष मुहिम चलाई गई है। जिसके तहत नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। न्यायालयों में भी मुस्तैदी से पैरवी करते हुए ऐसे लोगों को सजा दिलाई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों का आह्वान किया कि वे खुले में बिक रही सीरिंज पर तकनीकी दक्षता के साथ रोक लगाएं। बिना चिकित्सक की सलाह के कोई भी नशे से जुड़ी दवा न बिके।
बैठक में सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, डीएमसी कपिल शर्मा, सीटीएम गुरविंद्र सिंह, एसडीएम गुहला कैप्टन परमेश सिंह सहित जिले के आला अधिकारियों ने भाग लिया।




