याद किए गए भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय
अखिल भारतीय साहित्य परिषद की पलवल इकाई ने आयोजित की विचार एवं काव्य गोष्ठी
अखिल भारतीय साहित्य परिषद की पलवल इकाई की ओर से भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री
अखिल भारतीय साहित्य परिषद की पलवल इकाई की ओर से भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और स्व. महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती के उपलक्ष्य में डा. चन्द्र सैन शर्मा के रामनगर स्थित निवास स्थान पर एक विचार एवं काव्य गोश्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आरंभ दीप-प्रज्ज्वलन से हुआ। केडी गौतम ने मॉं शारदा की वन्दना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. डा. अर्जुन कुमार गर्ग ने की। मुख्य वक्ता प्रो. डा. केशव देव शर्मा रहे। अभासा परिषद अध्यक्ष महेन्द्र प्रसाद सिंगला ने सर्व प्रथम गुरू गोविन्द सिंह के सम्पूर्ण परिवार के देश-धर्म की रक्षा के लिए उनके अनुपम बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सघ के शताब्दी वर्ष पर सभी सदस्यों को गृह-सम्पर्क अभियान में सहभागिता हेतु प्रेरित किया। गोष्ठी का संचालन परिषद के महामंत्री महेन्द्र गर्ग शास्त्री जी ने किया।

गोष्ठी में सभी सदस्यों ने सहभागिता करते हुए अटल जी के बहुआयामी व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं पर अपने-अपने विचार रखे। शक्ति पाल मंगला ने अटल जी के साथ अपने संस्मरण साझा किए। मुख्य वक्ता डा. केशव देव शर्मा जी ने विस्तार से अटल व महामना मालवीय के देश, समाज व राष्ट्र के प्रति उनके महती योगदान पर प्रकाश डाला। कुबेर दत्त गौतम, डा. चन्द्र सैन शर्मा और गोविंद शरण भारद्वाज ने अपनी-अपनी कविताओं के माध्यम से अटल जी के प्रति अपने भाव व्यक्त किए। कार्यक्रम के अध्यक्ष डा. एके गर्ग ने अपने अध्यक्षीय भाषण में सभी के विचारों का समाहार करते हुए अटल और मालवीय के विचारों से प्रेरणा लेते हुए, राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य बोध को जागृत रखने के लिए प्रेरित किया। कल्याण मंत्र के साथ गोष्ठी का समापन किया गया। कार्यक्रम में गुलशन गोयल, सुशील गौतम, जहान सिंह, ओम प्रकाष शास्त्री, वीरेन्द्र शर्मा भी उपस्थित थे।



