आपकी एक सूचना देश को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने में कर सकती है मदद : उपायुक्त
- मानस (राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन) अब पूरे देश में 24 घंटे 7 दिन टोल-फ्री 1933 नंबर पर उपलब्ध
ड्रग्स तस्करी रोकने, नशे के आदी व्यक्तियों को परामर्श और पुनर्वास मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की सुविधा प्रदान करने के लिए शुरू की गई है पहल
- फोन, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप तथा उमंग ऐप के माध्यम से भी उपयोग संभव
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने मानस राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन‑1933 के संबंध में जानकारी एवं नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय तथा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा शुरू की गई मानस (राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन) अब पूरे देश में 24 घंटे 7 दिन टोल-फ्री 1933 नंबर पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि यह पहल ड्रग्स तस्करी रोकने, नशे के आदी व्यक्तियों को परामर्श और पुनर्वास मार्गदर्शन उपलब्ध कराने, साथ ही गुमनामी में गुप्त सूचना देने की सुविधा प्रदान करने के लिए शुरू की गई है।

उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि इस पहल की मुख्य विशेषताएं यह है कि टोल-फ्री 1933 नंबर पर चौबीसों घंटे कॉल करके नागरिक सूचना दे सकते हैं और इस पर नशा मुक्ति एवं पुनर्वास संबंधी मार्गदर्शन भी उपलब्ध है। इसका फोन, वेब पोर्टल ( ncbmanas.gov.in), मोबाइल ऐप तथा उमंग ऐप के माध्यम से भी उपयोग संभव है। सूचना देने वालों की पहचान गुमनामी के साथ पूरी तरह संरक्षित रहेगी। डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिले वासियों से आह्वान करते हुए कहा कि वे यदि किसी प्रकार की ड्रग्स तस्करी या नशे का सेवन करते हुए व्यक्तियों की जानकारी देने के लिए तत्काल मानस हेल्पलाइन-1933 का उपयोग करें। यह सेवा न केवल आपराधिक गतिविधियों को रोकने में मददगार है, बल्कि नशे से जूझ रहे व्यक्ति को समय पर सहायता देने में भी सहायक है। इस संबंध में जिला प्रशासन स्कूल, कॉलेज, पंचायत, मोहल्ला व सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएगा। इसमें सूचना देने का तरीका सरल है, जिसमें एक कॉल करने से किसी की जिंदगी बदल सकता है। उन्होंने इस प्रयास के माध्यम से नशा मुक्त भारत 2047 की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाते हुए, हर ग्रामीण एवं शहरी नागरिक को इस अभियान का हिस्सा बनने के लिए आह्वान किया है।



