भारत की माननीय राष्ट्रपति ने परोसी अक्षय पात्र की 5 अरबवीं थाली

Desh Rojana
On

राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन ने 5 अरबवीं थाली परोसने का उत्सव मनाया। 25 वर्ष की इस साधना-यात्रा के उत्सव में भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि, शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान विशिष्ट अतिथि के रुप में शामिल हुए।


नई दिल्ली, 17 मार्च 2026: राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन ने 5 अरबवीं थाली परोसने का उत्सव मनाया। 25 वर्ष की इस साधना-यात्रा के उत्सव में भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि, शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान विशिष्ट अतिथि के रुप में शामिल हुए। कार्यक्रम में अक्षय पात्र के संस्थापक-चेयरमैन और इस्कॉन बेंगलोर के प्रेसिडेंट श्री मधु पंडित दास तथा वाइस चेयरमैन श्री चंचलापति दास उपस्थित रहे।

DDDDDDDDDDDDD

कार्यक्रम का विषय ‘सुपोषित और सु​शि​क्षित भारत से विकसित भारत’ था, जिसने विकसित भारत के लिए बाल पोषण और शिक्षा की दिशा में सामूहिक प्रयासों को रेखांकित किया। इस कार्यक्रम में अक्षय पात्र के ट्रस्टी बोर्ड के सदस्य, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, प्रतिष्ठित नेता, सार्वजनिक नीति से जुड़े विचारक, परोपकारी, साझेदार, समर्थक और अन्य प्रमुख हितधारक शामिल हुए। इसके अलावा अक्षय पात्र के कुछ पूर्व लाभार्थी, छात्र, अभिभावक, शिक्षक और सरकारी स्कूलों के कर्मचारी भी उपस्थित थे। उत्सव के दौरान माननीय राष्ट्रपति ने बच्चों को उपहार दिए और उन्हें भोजन परोसकर इस उपलब्धि का उत्सव मनाया।

भारत सरकार की प्रमुख योजना पीएम-पोषण के कार्यान्वयन सहयोगी के रूप में अक्षय पात्र देशभर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों को ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है। वर्तमान में फाउंडेशन 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 78 स्थानों पर स्थित अत्याधुनिक रसोईघरों के माध्यम से 23.5 लाख बच्चों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध करा रहा है। संस्था का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रतिदिन 30 लाख बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना है।

इस अवसर पर माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि आज बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के इस कार्यक्रम में भाग लेकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। आज हम सब शिक्षा संबंधी उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अक्षय पात्र संस्था द्वारा 5 billion meals परोसने की उल्लेखनीय उपलब्धि का उत्सव मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। इस आयोजन का विषय ‘सुपोषित और सुशिक्षित भारत से विकसित भारत’ है जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के हमारे राष्ट्रीय संकल्प के लिए एक पोषित और शिक्षित समाज के महत्व को रेखांकित करता है।

इस अवसर पर मैं ISKCON के संस्थापक-आचार्य श्रील प्रभुपाद जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ जिन्होंने ऐसे समाज की कल्पना की थी जहाँ कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। उन्होंने भारतीय संस्कृति की अन्नदान की परंपरा को विश्व भर में पहुँचाया और बिना किसी भेदभाव के निःशुल्क भोजन वितरण को प्रोत्साहित किया। ऐसी दूरगामी सोच रखने वाली महान विभूतियों के कार्यों का मधुर फल अनेक भावी पीढ़ियों को मिलता है। आज इसी सोच के साथ सरकार द्वारा प्रधान मंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से लगभग 80 करोड़ लोगों को निशुल्क अनाज उपलब्ध कराया  जाता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि शिक्षा वह अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है जो व्यक्ति के जीवन में अवसरों को निर्धारित करती है तथा उसकी सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। शिक्षा परिवर्तन और सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम है। सशक्तीकरण और क्षमता-निर्माण की प्रक्रिया तब से ही आकार लेने लगती है जब बच्चे विद्यालय जाना शुरू करते हैं। विद्यालय ही बच्चों को वो कौशल और अनुभव प्रदान करता है जिनकी सहायता से वे दैनिक जीवन की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकते हैं और जिम्मेदार तथा सजग नागरिक बन सकते हैं।

यह अत्यंत प्रशंसनीय है कि अक्षय पात्र संस्था विद्यालयों में mid-day meals पहुंचाकर, बच्चों में पोषण की समस्या को दूर करने और उन्हें शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने हेतु 25 वर्षों से निरंतर कार्य कर रही है। सरकार द्वारा PM-Poshan Shakti Nirman, विश्व का सबसे बड़ा mid-day meal programme, चलाया जा रहा है। यह  एक स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र के निर्माण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। यह अभियान भारत में बच्चों की आरंभिक शिक्षा में अवरोध डालने वाली पोषण की समस्या का समाधान करने तथा उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में सराहनीय पहल है। मुझे आशा है कि सभी हितधारक ‘शिक्षा के लिए असीमित भोजन’ के उद्देश्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करेंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि हमारे बच्चे, जो राष्ट्र का भविष्य हैं, उन्हें पौष्टिक भोजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सहज रूप से उपलब्ध हो। भारत सरकार ने गर्भवती माताओं और बच्चों को पर्याप्त पोषण तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से अनेक महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम प्रारम्भ किए हैं। PM POSHAN के अंतर्गत संचालित school lunch programme अभिभावकों के लिए बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहन सिद्ध हुआ है। अनेक शोध इस बात को प्रमाणित करते हैं कि इस कार्यक्रम के परिणामस्वरूप विद्यालयों में बच्चों की enrolment, attendance और retention में वृद्धि हुई है, साथ ही उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षिक प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अक्षय पात्र संस्था ‘समग्र शिक्षा अभियान’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करना है। मैं इस संस्था की पूरी टीम की सराहना करती हूँ और आशा करती हूँ कि आप सभी इसी समर्पण, लगन और प्रतिबद्धता के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा में अपना अमूल्य योगदान देते रहेंगे।

बच्चे केवल निःशुल्क भोजन कार्यक्रम के लाभार्थी ही नहीं हैं, बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता भी हैं। आज जो पौष्टिक भोजन उन्हें मिल रहा है, वह वास्तव में हमारे राष्ट्र की मानव पूंजी में किया गया निवेश है। स्वस्थ, शिक्षित और ऊर्जावान बच्चे ही आगे चलकर भारत की कार्यशक्ति बनेंगे और वर्ष 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रभावी भूमिका निभाएंगे। बच्चे हमारे demographic dividend का आधार हैं और वे ही भविष्य में भारत की विकास यात्रा को आगे बढ़ाएंगे।

यह प्रसन्नता की बात है कि अक्षय पात्र के कुछ पूर्व लाभार्थी आज यहाँ  उपस्थित हैं। यह संतोष का विषय है कि ये युवा आज अपने सपनों को साकार करने के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। ये सभी युवा शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से सशक्त हैं, और हमारे राष्ट्र के समग्र विकास में योगदान देने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। मैं इन प्रतिभाशाली युवाओं को हार्दिक शुभकामनाएँ देती हूँ।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि हमारे बच्चों का सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। शिक्षक, अभिभावक, सामाजिक संस्थाएँ, उद्योग जगत और समाज का हर वर्ग मिलकर ही आने वाली पीढ़ी के लिए मजबूत नींव तैयार कर सकते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा, पौष्टिक भोजन, अच्छा स्वास्थ्य और स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण मिले। ये आधार बच्चों के समग्र विकास को संभव बनाते हैं। आज हम जो प्रयास कर रहे हैं, वही आने वाले भारत का स्वरूप तय करेंगे। जब हमारे बच्चे स्वस्थ, शिक्षित और जागरूक होंगे, तब वे न केवल अपने सपनों को पूरा करेंगे, बल्कि राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें कि हम ऐसे भारत के निर्माण करेंगे जहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य, अवसर, सुरक्षा और सम्मान — हर बच्चे का अधिकार हो। आप सभी के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना के साथ मैं अपनी वाणी को विराम देती हूँ।

DDDDDDDDDDDDMMM

केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “मैं श्रील प्रभुपाद को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिनकी प्रेरणा से यह निःस्वार्थ खाद्य वितरण पहल शुरू हुई और आज एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। मैं श्री मधु पंडित दास जी और श्री चंचलापति दास जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, जिनकी दूरदृष्टि ने अक्षय पात्र आंदोलन की नींव रखी। 25 वर्षों की यह यात्रा आसान नहीं रही, फिर भी आपका संकल्प अडिग बना रहा। आज इस जनआंदोलन के सबसे बड़े लाभार्थियों में से एक भारत का शिक्षा क्षेत्र है। 16 राज्यों और 25,000 से अधिक स्कूलों में आप प्रतिदिन 23.5 लाख बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान कर रहे हैं। इसके लिए मैं अपनी गहरी सराहना व्यक्त करता हूं।

जब तक हमारे बच्चे और युवा सुपोषित नहीं होंगे, तब तक भारत अपनी पूर्ण क्षमता को प्राप्त नहीं कर सकता। आज भारत का विकास केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक दक्षिण और मानवता के कल्याण के प्रति भी उसकी जिम्मेदारी है। यही ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की हमारी भावना का सार है। अक्षय पात्र फाउंडेशन पीएम पोषण योजना के एक महत्वपूर्ण कार्यान्वयन भागीदार के रूप में उभरा है। गुणवत्ता, स्वच्छता और नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के माध्यम से इसने इस मिशन को और सशक्त बनाया है। यह साझेदारी इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि सरकार, समाज और संस्थाएं मिलकर देश की जटिल चुनौतियों का समाधान कैसे कर सकती हैं। देश के हर बच्चे तक पौष्टिक भोजन पहुंचाना केवल सेवा नहीं, बल्कि भविष्य के प्रति हमारा संकल्प है। यह देश के युवाओं के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का हर बच्चा सुपोषित होगा और हर बच्चा स्कूल में बना रहेगा। आइए, हम सभी मिलकर यह सुनिश्चित करें कि हमारी यह दृष्टि और संकल्प देश के हर बच्चे तक पहुंचे और विकसित भारत की नींव और अस्तित्व बने।”

श्री मधु पंडित दास ने कहा, “मैं आज के इस कार्यक्रम में पधारने के लिए माननीय राष्ट्रपति महोदया का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। साथ ही माननीय शिक्षा मंत्री और अन्य सभी विशिष्ट अतिथियों का भी धन्यवाद देता हूँ। जब हम मानवता की सेवा के 25 वर्ष और 5 अरब भोजन परोसने की उपलब्धि का उत्सव मना रहे हैं, तब हम श्रील प्रभुपाद के उस महान संकल्प को दोहराते हैं कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। यह कार्यक्रम अक्षय पात्र से जुड़े सभी लोगों को बच्चों की सेवा और अधिक उत्साह के साथ जारी रखने के लिए प्रेरित करता है।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीएम-पोषण जैसी प्रमुख योजना ने बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने और उन्हें नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। जैसे-जैसे भारत ‘विकसित भारत’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ये उपलब्धियां स्कूल पोषण कार्यक्रमों को और सशक्त बनाने तथा अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

‘वसुधैव कुटुंबकम्’ अर्थात पूरा विश्व एक परिवार है, हमारी सभ्यता का मूल आदर्श है। इसी भावना से प्रेरित होकर हमने अपने भोजन सेवा मिशन को भारत के बाहर भी विस्तारित किया है। मानव समाज की सामूहिक करुणा की परिवर्तनकारी शक्ति से हम निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक खुशहाल और स्वस्थ भविष्य के निर्माण में योगदान दे सकेंगे।”

श्री चंचलापति दास ने कहा, “अक्षय पात्र के लिए यह अत्यंत आनंद का अवसर है कि हमने अपनी 25 वर्ष की यात्रा में 5 अरब भोजन परोसने का महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया है। हम आज के इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने सभी अतिथियों का धन्यवाद करते हैं। हम भारत सरकार और विभिन्न राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के प्रति उनके निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आभारी हैं। हम अपने दाताओं, साझेदारों और शुभचिंतकों का भी धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने ताजा और पौष्टिक भोजन के माध्यम से बच्चों के पोषण और शिक्षा को सुनिश्चित करने के हमारे प्रयासों में हमारा साथ दिया। इस अवसर पर हम अक्षय पात्र के उन सभी समर्पित पूर्णकालिक मिशनरियों और पेशेवरों के प्रति भी आभार व्यक्त करते हैं, जो समाज के कल्याण के लिए प्रतिदिन अथक परिश्रम कर रहे हैं।

हमें विश्वास है कि अक्षय पात्र की सफल सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) भविष्य में और अधिक बच्चों को पोषण और शिक्षा तक आसान पहुंच दिलाने में मदद करेगी और वे आने वाले वर्षों में नए और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे।”

5 अरब भोजन तक अक्षय पात्र की यात्रा

अक्षय पात्र की स्थापना 25 वर्ष पहले इस उद्देश्य से की गई थी कि भारत में कोई भी बच्चा भूख के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। फाउंडेशन ने अपनी भोजन सेवा की शुरुआत बेंगलुरु से की और कर्नाटक सरकार के साथ मिलकर अक्षरा दसोहा मध्याह्न भोजन योजना के तहत काम शुरू किया तथा राज्य के अन्य स्थानों पर भी रसोईघर स्थापित किए।

विभिन्न हितधारकों के सहयोग से अक्षय पात्र ने धीरे-धीरे अपनी सेवाओं का विस्तार भारत के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक किया और यह दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ संचालित स्कूल लंच कार्यक्रम बन गया। अक्षय पात्र ने मात्र 12 वर्षों में 1 अरब भोजन परोसने की उपलब्धि हासिल की। वर्ष 2012 में इन्फोसिस के संस्थापक और परोपकारी श्री नारायण मूर्ति ने 1 अरबवीं थाली परोसी। वर्ष 2016 में भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने बेंगलुरु में 2 अरबवीं थाली परोसी। वर्ष 2019 में भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वृंदावन में 3 अरबवीं थाली परोसी। इसके पांच वर्ष बाद 2024 में अक्षय पात्र ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 4 अरब भोजन परोसने की उपलब्धि का जश्न मनाया गया। आज राष्ट्रपति भवन में भारत की माननीय राष्ट्रपति ने 5 अरबवीं थाली परोसी।

द अक्षय पात्र फाउंडेशन के बारे में

द अक्षय पात्र फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी संगठन है और भारत सरकार की प्रमुख पीएम-पोषण योजना का कार्यान्वयन सहयोगी है। भारत सरकार, राज्य सरकारों, कॉर्पोरेट साझेदारों और परोपकारी दाताओं के साथ मजबूत सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत कार्य करते हुए अक्षय पात्र कक्षा में भूख को समाप्त करने तथा बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा को समर्थन देने के लिए सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में ताजा और पौष्टिक मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराता है।

स्कूल भोजन कार्यक्रम से आगे बढ़कर फाउंडेशन की पहलें बच्चों की शिक्षा तक पहुंच, समुदायों की मजबूती और राष्ट्रीय विकास को भी समर्थन देती हैं। वर्ष 2000 में स्थापित अक्षय पात्र ने अपने छोटे से आरंभ से आगे बढ़ते हुए खाद्य और पोषण सुरक्षा में योगदान के कारण वैश्विक स्तर पर एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। वर्षों के दौरान इस कार्यक्रम ने स्कूलों में नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने, कक्षा में भूख कम करने, बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार और उनके पोषण स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

फाउंडेशन दुनिया के सबसे बड़े स्वचालित और तकनीक-सक्षम सामुदायिक रसोई नेटवर्क में से एक का संचालन करता है, जिसे हर स्कूल दिवस पर बड़े पैमाने पर सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए डिजाइन किया गया है।

Desh Rojana Hiring Ad

About The Author

NELOFER HASHMI Picture

नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्‍स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।

Desh Rojana Hiring Ad