'मैं नेता नहीं बनना चाहता'....हार के बाद बदले खेसारी लाल यादव के सुर |
खेसारी लाल यादव अपनी पहली राजनीतिक परीक्षा में सफल नहीं हो सके पहली बार उन्होंने राजनीति में कदम रखा और छपरा सीट से चुनाव लड़ा। लेकिन नतीजे बिल्कुल उलटे निकले।
हार के बाद खेसारी के सुर पूरी तरह बदल गए हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि वह दिल से सोचने वाले इंसान हैं और राजनीति उनके बस की बात नहीं।
स्टार पावर, ज़ोरदार प्रचार और बड़ी उम्मीदों के बावजूद खेसारी लाल यादव अपनी पहली राजनीतिक परीक्षा में सफल नहीं हो सके पहली बार उन्होंने राजनीति में कदम रखा और छपरा सीट से चुनाव लड़ा। फैंस को उम्मीद थी कि उनकी स्टार पावर इस बार कमाल दिखा देगी, लेकिन नतीजे बिल्कुल उलटे निकले। चुनाव में खेसारी को छोटी कुमारी ने लगभग 7 से 8 हजार वोटों के अंतर से हरा दिया। 
यह करारी हार खेसारी के लिए बड़ा झटका साबित हुई। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने दिन-रात मेहनत की, पूरे जोश से रैलियाँ कीं और यहां तक कि अपनी ही इंडस्ट्री के लोगों पवन सिंह और दिनेश लाल यादव पर भी खुलकर बयान दिए। लेकिन भारी मेहनत के बावजूद उन्हें जीत नहीं मिल सकी। अब हार के बाद खेसारी के सुर पूरी तरह बदल गए हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि वह दिल से सोचने वाले इंसान हैं और राजनीति उनके बस की बात नहीं। खेसारी का कहना है कि वह कभी चुनाव में आना ही नहीं चाहते थे, और राजनीति जैसी दुनिया उन्हें सूट नहीं करती। यानि हार के बाद वह खुद को इस पूरी राजनीतिक लड़ाई से दूर बताते नजर आए।




