हरियाणा के 1032 स्कूलों के बच्चे बोर्ड फॉर्म नहीं भर पाए, एक्सटेंशन के बाद भी अटकी प्रक्रिया—ये है बड़ी वजह
शिक्षा निदेशालय ने अभी तक सूची बोर्ड को नहीं भेजी, पोर्टल बंद—निजी स्कूल संघ ने सरकार से एफिलिएशन फीस भरवाकर छात्रों का भविष्य बचाने की मांग उठाई।
हरियाणा के 1032 अस्थाई स्कूल एक्सटेंशन मिलने के बावजूद अपने छात्रों के बोर्ड परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाए हैं, क्योंकि शिक्षा निदेशालय ने अब तक स्कूलों की सूची शिक्षा बोर्ड भिवानी को नहीं भेजी। पोर्टल बंद होने से फॉर्म प्रक्रिया अटकी हुई है। निजी स्कूल संघ ने छात्रों का भविष्य सुरक्षित करने को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
हरियाणा में 1032 अस्थायी और मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्र बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह गए हैं। एक साल की एक्सटेंशन मिलने के 26 दिन बाद भी स्कूल अपने छात्रों के 10वीं और 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि शिक्षा निदेशालय ने अभी तक इन स्कूलों की सूची भिवानी स्थित शिक्षा बोर्ड को नहीं भेजी है।
पोर्टल बंद, स्कूल परेशान
स्कूलों का कहना है कि पोर्टल बंद होने के कारण वे फॉर्म नहीं भर पा रहे। विभागीय कार्यवाही के कारण यह प्रक्रिया रुकी हुई है, जिससे हजारों छात्रों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।
प्राइवेट स्कूल संघ की मांग—सरकार हस्तक्षेप करे
निजी स्कूल संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री से मांग की है कि अस्थायी और मान्यता प्राप्त स्कूलों की एफिलिएशन फीस तुरंत भरवाई जाए, ताकि बच्चों के बोर्ड फॉर्म भरे जा सकें।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बताया कि:
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स्थाई मान्यता प्राप्त और सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों के लिए बोर्ड फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 25 नवंबर थी।
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लेकिन अस्थायी स्कूलों की एफिलिएशन फीस बोर्ड ने समय पर नहीं भरी, जिससे इन स्कूलों का पोर्टल बंद हो गया।
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परिणामस्वरूप लगभग 1032 स्कूल अभी तक 10वीं और 12वीं के छात्रों के बोर्ड फॉर्म भरने से वंचित हैं।
कुंडू ने कहा कि यह स्थिति छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल रही है और सरकार को तुरंत इसका समाधान करना चाहिए।



