गैंगस्टर दलजीत सिहाग की बेड़ियों में परेड पर विवाद गहराया, खाप महापंचायत की तैयारी
हिसार में दलजीत सिहाग को बेड़ियों में बांधकर बाजार में घुमाने की पुलिस कार्रवाई पर पत्नी और खापों ने उठाए सवाल, महापंचायत बुलाने का ऐलान।
दलजीत सिहाग को बेड़ियों में बांधकर परेड कराने का मामला लगातार बढ़ रहा है। पत्नी अनिता सिहाग ने इसे उत्पीड़न बताते हुए खापों के सहयोग से महापंचायत बुलाने की तैयारी शुरू की, वहीं CIA इंचार्ज ने साफ किया कि दलजीत पर 61 केस दर्ज हैं।
हांसी में गैंगस्टर बताए जाने वाले दलजीत सिहाग को बेड़ियों में बांधकर बाजार में घुमाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 20 नवंबर को पुलिस द्वारा गली-गली ले जाकर परेड कराने के बाद अब यह मुद्दा सामाजिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील होता जा रहा है।
पत्नी अनिता सिहाग का आरोप—“जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है”
दलजीत सिहाग की पत्नी अनिता सिहाग ने पानीपत में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनके पति को राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव में जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस 60 केस बताती है, जबकि दलजीत पर केवल 6 केस ही दर्ज हैं। अनिता ने हांसी में परेड कराने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि दलजीत को झज्जर जेल से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए और जेल में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। पैरोल के दौरान दलजीत पर हुए हमले की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
खापों का हस्तक्षेप—महापंचायत की तैयारी
अनिता सिहाग ने खापों के सहयोग से महापंचायत बुलाने की घोषणा कर दी है।
कलकल खाप के प्रधान राजपाल कलकल ने भी पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि अगर दलजीत वास्तव में गैंगस्टर है, तो उसके गैंग का खुलासा क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने DGP ओपी सिंह से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की और कहा कि समाज अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगा।
CIA इंचार्ज का दावा—“दलजीत पर 61 केस दर्ज”
हांसी CIA इंचार्ज प्रदीप कुमार ने स्पष्ट किया कि दलजीत सिहाग पर कुल 61 केस दर्ज हैं, जिनमें जाट आरक्षण आंदोलन के 22 केस शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि दलजीत पर BNS 111 के तहत संगठित अपराध का केस भी है।
इसके साथ ही DGP के निर्देश पर दलजीत के सोशल मीडिया अकाउंट को चलाने वाले रोहताश के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।
विवाद बढ़ता गया…
दलजीत को बेड़ियों में बांधकर बाजार में घुमाने की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। खापों की सक्रियता के बाद मामला और गंभीर हो चुका है, और आने वाले दिनों में महापंचायत इस विवाद को और बढ़ा सकती है।



