बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर बढ़ती हिंसा: 24 घंटे में दो की बेरहमी से हत्या, सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता

दो अलग-अलग हमलों में दो हिंदू पुरुषों की हत्या; अल्पसंख्यक समुदाय में भय का माहौल, सरकार की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे।

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बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हिंसा लगातार बढ़ रही है। पिछले 24 घंटों में दो हिन्दू व्यक्तियों को अलग-अलग जगहों पर बेरहमी से मार दिया गया, जिससे सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इन घटनाओं ने देशभर में कानून-व्यवस्था और धार्मिक समुदायों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

ढाका, बांग्लादेश: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की ताज़ा घटनाओं ने चिंता की लकीर खींच दी है। पिछले 24 घंटों में दो हिन्दू पुरुषों की हत्या की खबरें सामने आई हैं, जिनमें एक को धारदार हथियार से हमला कर मार दिया गया और दूसरे को सार्वजनिक स्थान पर गोली मार दी गई।

पहली घटना में, 40 वर्षीय शरत चक्रवर्ती मणि, जो नरसिंगदी जिले के चोरसिंदूर बाजार में अपनी किराना दुकान चला रहे थे, पर अज्ञात हमलावरों ने अचानक निशाना बनाया और धारदार हथियार से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार उस इलाके में भय का माहौल है जब से अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर हमले हो रहे हैं। दूसरी घटना में, 38 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी, जो जशोर जिले के मोनिरामपुर उपज़िला में रहते थे और एक बर्फ़ बनाने वाली फैक्टरी के मालिक थे, को कुछ अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी। पुलिस के अनुसार अपराधी आए, उन्हें कॉल कर निकाला और सिर पर कई गोलियाँ मारकर फरार हो गए। जांच प्रगति पर है, लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। 

ये दोनों घटनाएँ पिछले कुछ हफ्तों में अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाकर किए गए हमलों की बढ़ती कड़ी का हिस्सा हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 18 दिनों में कम से कम छह हिन्दुओं की हत्या की गई है, जिसमें भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या और आग में झोंकने जैसे क्रूर अपराध भी शामिल हैं। 202501asia_bangladesh_protest_flags

हिंसा सिर्फ जान लेने तक सीमित नहीं रही — कुछ मामलों में महिलाओं के साथ ज्यादती और अन्य अपराधों की भी रिपोर्टें आई हैं, जिससे समुदाय में असुरक्षा और भयपूर्ण माहौल फैल गया है। 

स्थानीय मानवाधिकार कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने और गम्भीर जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि अधिकारियों की ओर से अभी तक स्पष्ट बयान नहीं आया है, लेकिन इन घटनाओं ने देश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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