पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती: गणमान्य व्यक्तियों ने स्मारक पर दी श्रद्धांजलि
101st Birth Anniversary of Atal Bihari Vajpayee: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, पीएम मोदी समेत कई गणमान्य लोग ‘सदैव अटल’ स्मारक पर हुए शामिल
अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर ‘सदैव अटल’ स्मारक पर विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई गणमान्य व्यक्तियों ने अटल जी को श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने उनके जीवन, उनके विचारों और नीतियों को याद करते हुए कहा कि अटल जी ने देश को स्थिरता और विकास की राह दिखाई। समारोह में अटल जी की राजनीतिक उपलब्धियों, समाज सेवा और उनके साहित्यिक योगदान को भी याद किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को अपनाने और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। देशभर के नागरिकों ने सोशल मीडिया पर अटल जी को याद किया और उनके मूल्य और शिक्षाओं को साझा किया। इस अवसर पर यह संदेश भी दिया गया कि अटल बिहारी वाजपेयी का योगदान आज भी भारतीय राजनीति और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर आज ‘सदैव अटल’ स्मारक पर विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। उपस्थित नेताओं और आम लोगों ने अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन और योगदान को याद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "अटल बिहारी वाजपेयी हमेशा देशवासियों के दिलों में रहेंगे, उनका योगदान और दृष्टिकोण भारत को नई ऊँचाइयों तक ले गया।" राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अटल जी के विचारों और उनके नेतृत्व की सराहना की और कहा कि उनके आदर्श आज भी सभी को प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन की झलक पेश करने वाली प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें उनके राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान को दर्शाया गया। नेताओं ने कहा कि अटल जी की नीतियों और उनकी दूरदर्शिता ने भारत को स्थिरता और विकास की राह दिखाई।
इस अवसर पर देशभर के नागरिकों ने सोशल मीडिया पर भी अटल जी को याद किया और उनकी शिक्षाओं को साझा किया। समारोह ने यह संदेश दिया कि अटल बिहारी वाजपेयी का योगदान और उनके मूल्य आज भी भारतीय राजनीति और समाज में गहरी छाप छोड़ते हैं।



