प्रधानमंत्री मोदी ने चर्च में भाग लिया, दी क्रिसमस की शुभकामनाएं
ईसा मसीह की शिक्षाओं को बताते हुए पीएम ने देशवासियों को सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चर्च में क्रिसमस की प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया, नागरिकों को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं, और पूरे देश में सद्भाव और शांति के लिए जीसस क्राइस्ट की शिक्षाओं पर ज़ोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रिसमस 2025 के अवसर पर एक विशेष प्रार्थना सभा में भाग लेने के लिए चर्च का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित सभी लोगों का स्वागत किया और देशवासियों को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएं दी। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ईसा मसीह की शिक्षाओं को याद करते हुए कहा कि उनके बताए हुए मूल सिद्धांत न केवल धार्मिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में सद्भाव, भाईचारा और एकता बनाए रखने में भी मदद करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, "ईसा मसीह की शिक्षाएं हमें हमेशा मानवता, करुणा और सहानुभूति के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती हैं।"

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर भी जोर दिया कि देश में सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहकर सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता ही भारत की असली ताकत है और हर नागरिक को एकजुट होकर समाज में शांति और सहयोग बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। समारोह में चर्च के प्रमुख, अन्य धार्मिक और समाजसेवी गणमान्य नागरिक, तथा श्रद्धालु उपस्थित थे।
पीएम मोदी की यह उपस्थिति और उनके प्रेरक शब्दों ने क्रिसमस के पर्व को और भी विशेष और यादगार बना दिया। उनके संदेश ने लोगों के बीच भाईचारे, सहानुभूति और एकता का भाव जगाया। इस अवसर पर लोगों ने प्रधानमंत्री के विचारों को सराहा और उनके द्वारा दिए गए संदेश को अपने जीवन और समाज में लागू करने का संकल्प लिया। इस तरह, पीएम मोदी का यह दौरा केवल एक धार्मिक समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में शांति, सद्भाव और एकजुटता को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण संदेश भी बन गया।

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