देश का सबसे साफ़ शहर, सबसे गंदी सच्चाई! इंदौर में गंदे पानी से मौतों पर राजनीति तेज, राहुल गांधी की एंट्री से बढ़ा सियासी ताप

मौतों की संख्या पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने, कांग्रेस बोली– आंकड़े धोकर सफ़ेद किए जा रहे हैं, बीजेपी का पलटवार– राजनीति कर रही है कांग्रेस

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इंदौर में गंदे पानी से हुई मौतों को लेकर प्रशासनिक लापरवाही अब राजनीतिक टकराव में बदल गई है। मौतों के आंकड़ों पर सवाल, अस्पतालों में भरे बेड और राहुल गांधी की ‘न्याय यात्रा’ ने पूरे मामले को राष्ट्रीय बहस बना दिया है।

 

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देश के सबसे साफ़ शहर का तमगा रखने वाले इंदौर की छवि उस वक्त सवालों के घेरे में आ गई, जब गंदे और कथित रूप से सीवर मिले पानी से बीमार पड़े लोगों की मौतों की खबरें सामने आईं। शुरुआत में इसे प्रशासनिक चूक बताया गया, लेकिन जैसे-जैसे मामले की परतें खुलती गईं, यह मुद्दा सीधे राजनीतिक जंग में तब्दील हो गया।

असल सवाल अब यह नहीं रह गया है कि पेयजल में सीवर का पानी कैसे मिला, बल्कि यह है कि मौतों की असली संख्या क्या है और आंकड़ों में इतना अंतर क्यों दिख रहा है1963007-newstrack12345-61

 सरकार बनाम विपक्ष

बीजेपी शासित मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि इस पूरे मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, कुछ मौतों को गंदे पानी से जोड़कर अफ़वाह फैलाई जा रही है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।

वहीं विपक्ष, खासकर कांग्रेस, का आरोप है कि मौतों के आंकड़ों को जानबूझकर कम दिखाया जा रहा है, ताकि प्रशासनिक नाकामी और सिस्टम की विफलता पर पर्दा डाला जा सके। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या और ज़मीनी हालात सरकारी बयानों से मेल नहीं खाते।

अस्पतालों की हकीकत

शहर के कई सरकारी और निजी अस्पतालों में डायरिया, उल्टी-दस्त और संक्रमण के मरीजों से बेड भरे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पानी वाकई साफ़ है, तो इतने बड़े पैमाने पर लोग बीमार क्यों पड़ रहे हैं?
परिजन पूछ रहे हैं—

“अगर सब ठीक है, तो हमारे अपने क्यों नहीं बचे?”

राहुल गांधी की एंट्री और ‘न्याय यात्रा’

इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एंट्री ने मामले को और गरमा दिया है। राहुल गांधी पहले भी ऐसे मामलों में सीधे पीड़ितों के बीच पहुंचते रहे हैं—

  • मध्य प्रदेश में किसानों की मौत का मुद्दा

  • यूपी के हाथरस की भगदड़

  • अन्य मानवाधिकार और प्रशासनिक विफलताओं के मामले

हर बार वे पीड़ित परिवारों से मिलते हैं, उनकी बात सुनते हैं और संसद में आवाज़ उठाने का भरोसा देते हैं।

अब इंदौर की घटना भी उसी राजनीतिक और नैतिक रणनीति की कड़ी बनती दिख रही है। कांग्रेस की ओर से निकाली जा रही ‘न्याय यात्रा’ के ज़रिये दावा किया जा रहा है कि

  • सच्चाई को दबाया जा रहा है

  • पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल रहा

  • प्रशासन जवाबदेही से बच रहा है

 बीजेपी का पलटवार

बीजेपी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि

  • कांग्रेस मौतों पर राजनीति कर रही है

  • जनता में डर फैलाया जा रहा है

  • जांच को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है

बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस हर आपदा को चुनावी हथियार बनाती है।

 असली सवाल अब भी कायम

सियासी आरोप-प्रत्यारोप के बीच आम जनता के सवाल अब भी अनुत्तरित हैं

  • अगर पानी साफ़ था, तो मौतें क्यों हुईं?

  • अगर हालात सामान्य हैं, तो अस्पतालों में भीड़ क्यों है?

  • मौतों की सही संख्या क्या है?

  • जिम्मेदारी किसकी है?

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राहुल गांधी की मौजूदगी से सच सामने आएगा, या फिर यह मामला भी बयानबाज़ी और राजनीतिक आरोपों की नाली में बह जाएगा

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