औषधि मूल्य निर्धारण पर कसता सरकार का शिकंजा
सरकार ने मूल्य निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए, केंद्रीय क्षेत्र योजना 'उपभोक्ता जागरूकता, प्रचार और मूल्य निगरानी - (सीएपीपीएम)' के तहत हरियाणा सहित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूल्य निगरानी एवं संसाधन इकाइयां (पीएमआरयू) स्थापित की हैं।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) को जब भी अधिक मूल्य निर्धारण की सूचना मिलती है, तो वह इसकी जांच करता है। यदि अधिक मूल्य निर्धारण का प्रथम दृष्टया मामला सिद्ध हो जाता है, तो एनपीपीए ऐसी कंपनियों को डिमांड नोटिस (डीएन) जारी करके आवश्यक कार्रवाई शुरू करता है ताकि अधिक मूल्यांकित राशि और लागू ब्याज की वसूली की जा सके। एनपीपीए औषधि कंपनियों द्वारा अधिक मूल्य निर्धारण का राज्य-वार रिकॉर्ड नहीं रखता। वित्तीय वर्ष 2015-16 से वित्तीय वर्ष 2025-26 (30.09.2025 तक) की अवधि के दौरान जारी किए गए डीएन की संख्या, वसूल की गई डीएन राशि और लंबित मामलों का वर्षवार विवरण नीचे दी गई तालिका में दिया गया है।
सरकार ने मूल्य निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए, केंद्रीय क्षेत्र योजना 'उपभोक्ता जागरूकता, प्रचार और मूल्य निगरानी - (सीएपीपीएम)' के तहत हरियाणा सहित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूल्य निगरानी एवं संसाधन इकाइयां (पीएमआरयू) स्थापित की हैं। ये पीएमआरयू कीमतों पर डेटा एकत्र करती हैं और दवाओं के मूल्य निर्धारण संबंधी पहलुओं पर जनता में जागरूकता पैदा करने के लिए सूचना एवं संचार एवं संचार (आईईसी) गतिविधियां भी संचालित करती हैं। एमपीपीए और उपभोक्ता/आम जनता को 'फार्मा जन समाधान' जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से जोड़ा गया है, जो उपभोक्ताओं को दवाओं के मूल्य निर्धारण, कमी और अनुपलब्धता से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए एक प्रभावी और समयबद्ध प्रणाली प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, उपभोक्ता मोबाइल ऐप 'फार्मा सही दाम' और 'केंद्रीकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस)' के माध्यम से भी एनपीपीए से जुड़ सकते हैं। फार्मा सही दाम ऐप में 928 फॉर्मूलेशंस की अधिकतम मूल्य सीमा और लगभग 98600 दवाओं का एमआरपी सूचीबद्ध है। आम जनता इस ऐप के माध्यम से विभिन्न दवाओं की वर्तमान कीमतों की जांच कर सकती है। इसके अतिरिक्त, एनपीपीए की हेल्पलाइन 1800111255 और ईमेल: monitoring-nppa[at]gov[dot]in है, जिन पर दवाओं की अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। साथ ही, सभी मूल्य सूचनाएं एनपीपीए की वेबसाइट www.nppa.gov.in पर अपलोड की जाती हैं ।
दवाओं के मूल्य की निगरानी और अधिक वसूल की गई राशि की वसूली के लिए कार्रवाई एक सतत गतिविधि है, इसलिए इसके लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती है।
रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।


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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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