टीबी मुक्त अभियान को सफल बनाने में पंचायतों की भूमिका अहम : एडीसी सतबीर मान
- टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को गोल्ड, सिल्वर व ब्रॉन्ज सम्मान - टीबी मरीजों को प्रोटीन किट व पोषण सहायता देने की अपील
टीबी मुक्त अभियान के द्वारा प्रदेश सहित देश को भी टीबी मुक्त बनाना है और यह तभी संभव होगा जब समाज का प्रत्येक वर्ग इस अभियान में जुड़कर अपना सहयोग करे।
फरीदाबाद :टीबी मुक्त अभियान के द्वारा प्रदेश सहित देश को भी टीबी मुक्त बनाना है और यह तभी संभव होगा जब समाज का प्रत्येक वर्ग इस अभियान में जुड़कर अपना सहयोग करे। यह बात अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) सतबीर मान ने आज सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में आयोजित टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम में कही। टीबी मुक्त पंचायत अभियान के अंतर्गत क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए गोल्ड, सिल्वर एवं ब्रॉन्ज ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। इस उपलब्धि के अंतर्गत गोल्ड ट्रॉफी और सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाली पंचायतों में खेड़ा, जुनहेड़ा एवं भटपुरा ग्राम पंचायत शामिल हैं, जिन्होंने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में उल्लेखनीय कार्य करते हुए सभी मानकों को पूर्ण किया।

इसी प्रकार सिल्वर ट्रॉफी और सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाली पंचायतों में शाहपुर खुर्द, लेहंडोला, निरहावली, मंझावली, सादपुरा, अलीपुर, ताजपुर, भासकोला, फत्तुपुरा, डूंगरपुर, काबुलपुर मंगर, लढियापुर, जाकोपुर, नेकपुर, सिलाखेड़ी तथा ताजूपुर ग्राम पंचायतों का नाम शामिल है। इसके अतिरिक्त ब्रॉन्ज ट्रॉफी और सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाली पंचायतों में अहमदपुर, बापू नगर, फज्जुपुर खादर, इम्मामुदीनपुर, मोठूका, प्रह्लादपुर मजरा, बदरौला, रायपुर कला, चांदपुर, जावन, बहादुरपुर, बदरपुर सैद, साहुपुर कलां, नरियाला, अलीपुर तिलोरी, सिडोला न्यू, कामरा खुर्द, खेरी गुजरान, कोट, मदालपुर, टीकरी खेड़ा, नयागांव, फिरोजपुर कलां, बिजोपुर, पन्हेरा कलां, दुल्हेपुर तथा फफूंदा ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया।
एडीसी सतबीर मान ने 'टीबी मुक्त पंचायत' अभियान के तहत ग्राम पंचायतों के सरपंचों को सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया है। उन्होंने विशेष रूप से टीबी रोगियों को प्रोटीन किट और पोषण संबंधी सहायता प्रदान करने पर जोर दिया है, ताकि मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार हो सके और समाज को इस बीमारी से मुक्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत यह सुनिश्चित करे कि क्षेत्र में कोई भी टीबी रोगी बिना उपचार के न रहे। मरीजों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही मुफ्त दवाइयों के साथ-साथ प्रोटीन कीट एवं पोषण सहायता भी समय पर दी जाए। उन्होंने अन्य पंचायतों से भी आह्वान किया कि वे इन पंचायतों से प्रेरणा लेकर अपने क्षेत्र को टीबी मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाएं। उन्होंने आगे कहा कि पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से ही टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है। सभी सरपंचों से अपील की गई कि वे अपने गांव में नियमित बैठकें आयोजित करें, टीबी के लक्षणों के बारे में लोगों को जागरूक करें और मरीजों को पूरा इलाज कराने के लिए प्रेरित करें, ताकि समाज को इस बीमारी से पूर्ण रूप से मुक्त किया जा सके।
इस अवसर पर विभिन्न संस्थाओं जिनमें रेडक्रास सोसायटी फरीदाबाद, रोटरी क्लब फरीदाबाद ईस्ट, एनएचपीसी कंपनी, जीव दया फाउंडेशन, फलाह हैंडीक्राफ्ट सोसाइटी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन को भी सम्मानित किया।
बैठक में सीएमओ डॉ जयंत आहूजा, डीडीपीओ प्रामिन्द्र, रेडक्रॉस सचिव बिजेंद्र सौरोत, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ हरजिंदर सिंह, डी आर टीबी एचआईवी कोऑर्डिनेटर सुभाष गहलोत, कोऑर्डिनेटर साधना, रविंद्र, सतवीर, गोपाल, जसवंत, प्रीति सहित विभिन्न ग्रामों के सरपंच शामिल रहे।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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