Hansi News:बरसाती मौसम से पहले जल निकासी प्रबंधों को लेकर प्रशासन सतर्क, डीसी राहुल नरवाल ने 20 जून तक सभी ड्रेनों की सफाई पूरी करने के दिए निर्देश
डीसी राहुल नरवाल ने अधिकारियों के साथ किया विभिन्न क्षेत्रों का दौरा, जलभराव की स्थिति पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
उपायुक्त राहुल नरवाल ने मंगलवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर बरसाती पानी निकासी प्रबंधों का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम राजेश खोथ भी उनके साथ मौजूद रहे।
हांसी: उपायुक्त राहुल नरवाल ने मंगलवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर बरसाती पानी निकासी प्रबंधों का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम राजेश खोथ भी उनके साथ मौजूद रहे।

उपायुक्त राहुल नरवाल ने निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए ड्रेनों की साफ-सफाई के कार्य में और तेजी लाई जाए तथा 20 जून तक सभी ड्रेनों की सफाई का कार्य हर हाल में पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई या कोताही सहन नहीं की जाएगी।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उपायुक्त को अवगत करवाया कि जिले में ड्रेनों की सफाई का कार्य लगातार जारी है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में कुल 42 ड्रेन हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 242 किलोमीटर है। इनमें से अब तक लगभग 110 किलोमीटर लंबाई की ड्रेनों की सफाई का कार्य पूरा किया जा चुका है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि ड्रेनों से निकलने वाले कूड़ा-करकट को तुरंत उठाकर निर्धारित स्थानों पर डलवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि दोबारा जल निकासी में कोई बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि बरसाती मौसम के दौरान किसी भी रिहायशी अथवा ग्रामीण क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। यदि कहीं लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त राहुल नरवाल ने बताया कि जिले में जल निकासी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विभिन्न ड्रेनों की क्षमता बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव सरकार को भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि बीएमपीसी ड्रेन की जल निकासी क्षमता 323 क्यूसिक से बढ़ाकर 645 क्यूसिक, बास ड्रेन-ए की क्षमता 10 से बढ़ाकर 20 क्यूसिक, बास-खरबला लिंक ड्रेन की क्षमता 30 से बढ़ाकर 60 क्यूसिक, पुट्ठी मंगल खां लिंक ड्रेन की क्षमता 30 से बढ़ाकर 55 क्यूसिक, हांसी ड्रेन की क्षमता 270 से बढ़ाकर 600 क्यूसिक, एचएमपीसी ड्रेन की क्षमता 270 से बढ़ाकर 620 क्यूसिक तथा सिसाय ड्रेन की क्षमता 114 से बढ़ाकर 220 क्यूसिक करने का प्रस्ताव भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार से स्वीकृति प्राप्त होते ही इन ड्रेनों की चौड़ाई बढ़ाने और जल निकासी क्षमता को मजबूत करने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा, जिससे बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों ने उपायुक्त को जानकारी दी कि पिछले वर्ष हुई भारी बरसात के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष अतिरिक्त और व्यापक प्रबंध किए गए हैं। जरूरत के अनुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नई बिजली लाइनें बिछाई गई हैं तथा एच-पोल स्थापित किए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत ट्रांसफार्मर स्थापित कर बिजली आपूर्ति सुचारू रखी जा सके।
इस अवसर पर सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता विनोद वर्मा, जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव त्यागी, सिंचाई विभाग के एसडीओ विवेक गुप्ता, कनिष्ठ अभियंता प्रदीप दुहन, कनिष्ठ अभियंता दीपक, कनिष्ठ अभियंता आशीष कुमार, उमरा गांव के सरपंच विनोद गांधी, ठेकेदार प्रदीप तालु सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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