औद्योगिक और सामाजिक विकास के संगम सुरेंद्र कुमार आर्य का भव्य अभिनंदन

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आर्य समाज मंदिर, सेक्टर 7-ए में आयोजित चार दिवसीय पावन वेद कथा एवं यज्ञ का समापन गरिमामय समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम में भजनोपदेशिका कविता आर्य ने अपने सुमधुर भजनों से उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।

आर्य समाज मंदिर, सेक्टर 7-ए में आयोजित चार दिवसीय पावन वेद कथा एवं यज्ञ का समापन गरिमामय समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम में भजनोपदेशिका कविता आर्य ने अपने सुमधुर भजनों से उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।

मुख्य वक्ता आचार्य पुनीत शास्त्री ने अपने संबोधन में आज वैश्विक स्तर पर युद्ध का मुख्य कारण व्यक्तिगत अहंकार, शक्ति प्रदर्शन की लालसा और दूसरे देशों के भूभागों पर अतिक्रमण है। आचार्य ने जोर दिया कि वेदों में युद्ध से बचाव और 'मित्रस्य चक्षुषा' (सबको मित्र समझने) का संदेश है। हमें सुख-सुविधाओं का उपभोग त्याग पूर्वक करना चाहिए।

सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के सर्वसम्मति से नवनिर्वाचित प्रधान, प्रसिद्ध उद्योगपति (जेबीएम ग्रुप के चेयरमैन) एवं समाजसेवी सुरेंद्र कुमार आर्य का भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रधान निष्ठाकर आर्य, महामंत्री सतीश कौशिक, प्रेम कुमार मित्तल, देशबंधु आर्य, दयानन्द आर्य, जितेंद्र सरल, प्रेम लता गुप्ता ने उन्हें स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में गुरुकुल इंद्रप्रस्थ के आचार्य ऋषिपाल, आचार्य सतीश सत्यम, आचार्य राजेन्द्र ब्रह्मचारी सहित आर्य समाज की विभिन्न इकाइयों और प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें 'ओम' पट्टिका उनका स्वागत किया।

 

इस अवसर पर प्रधान निष्ठाकर आर्य ने कहा सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के सर्वसम्मति से नवनिर्वाचित प्रधान तथा जेबीएम ग्रुप के चेयरमैन सुरेंद्र कुमार आर्य का योगदान औद्योगिक और सामाजिक, दोनों ही क्षेत्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे महर्षि दयानंद सरस्वती और आर्य समाज के सिद्धांतों से गहरे प्रभावित हैं। उन्होंने इन उच्च आदर्शों को न केवल अपने व्यक्तिगत जीवन में उतारा है, बल्कि अपने व्यावसायिक साम्राज्य में भी शुचिता और सेवा के भाव को समाहित किया है ।

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इस अवसर पर श्री सुरेंद्र कुमार आर्य ने कहा, "युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। हमें मिलकर नया इतिहास लिखना होगा।" उन्होंने युवाओं को आर्य समाज से जोड़ने, गुरुकुलों के आधुनिकीकरण, डिजिटलाइजेशन और ऋषि साहित्य के संरक्षण और उनके संदेश के प्रभावी ढंग से प्रचार प्रसार पर बल दिया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे आर्य समाज की उन्नति के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने प्रेरक पंक्तियों के माध्यम से आह्वान किया— "लिखना है स्वर्ण अक्षरों में हमें फिर से नया इतिहास, लीक से हटकर चलो, मिलकर कर दो पूर्ण प्रयास।"

आर्य प्रादेशिक प्रतिनिधि सभा दिल्ली के अध्यक्ष विनय आर्य ने कहा कि सुरेंद्र जी के नेतृत्व में दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन की सफलता के बाद अब आर्य समाज नई ऊंचाइयों को छुएगा और उनके नेतृत्व में आर्य समाज के वैश्विक प्रचार-प्रसार और सामाजिक उत्थान के कार्यों में नई ऊर्जा आने का विश्वास व्यक्त किया।

समारोह के दौरान मानवता की मिसाल पेश करने वाले वसु मित्र सत्यार्थी को भी सम्मानित किया गया। उन्होंने हाल ही में नीलम-अजरौंदा रेलवे ओवर ब्रिज से कूदकर जान देने की कोशिश कर रही एक महिला को सुरक्षित बचाकर सराहनीय कार्य किया था। उनके वीरतापूर्ण कार्य और जागरूकता के लिए सुरेंद्र आर्य, विनय आर्य, निष्ठाकर तथा योगेंद्र फोर ने उन्हें पुष्प माला व 'ओम' पट्टिका पहनाकर उनके इस साहसिक पुरुषार्थ की प्रशंसा की।

इस अवसर पर नन्द किशोर मेहता, मदनलाल तनेजा, प्रवीण गोयल, संजय खट्टर, शिवकुमार टुटेजा, अजीत आर्य, जयपाल शास्त्री, अशोक शास्त्री, सुशील शास्त्री, आनन्द मेहता, देवराज योगाचार्य, शशांक कोशिक, सकेत कौशिक, संघमित्रा कौशिक, ऊषा सेठी, रचना धनखड़,  सहित विभिन्न आर्य समाजों के प्रतिनिधि व भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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