संयुक्त किसान मोर्चा के आहवान पर पलवल में किसान मोर्चा पलवल के तत्वावधान में निकाला गया ट्रैक्टर मार्च।
ट्रैक्टर मार्च को वरिष्ठ किसान चेतराम मेंबर और रामवीर चौहान ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
केंद्र सरकार की वादाखिलाफी, नये बीज विधेयक,बिजली संशोधन विधेयक और मनरेगा को समाप्त करने जैसे किसान मजदूर विरोधी
पलवल:संयुक्त किसान मोर्चा के आहवान पर पलवल में किसान मोर्चा पलवल के तत्वावधान में निकाला गया ट्रैक्टर मार्च। ट्रैक्टर मार्च को वरिष्ठ किसान चेतराम मेंबर और रामवीर चौहान ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
केंद्र सरकार की वादाखिलाफी, नये बीज विधेयक,बिजली संशोधन विधेयक और मनरेगा को समाप्त करने जैसे किसान मजदूर विरोधी निर्णयों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा पलवल के तत्वावधान में अटोहा चौक से आगरा चौक, मीनार गेट कमेटी चौक, अलावलपुर चौक होते हुए आगरा चौक तक ट्रैक्टर मार्च निकाला गया।ट्रैक्टर मार्च का नेतृत्व किसान मोर्चा के नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, रुप राम तेवतिया, धर्म चन्द घुधेरा, उदय सिंह सरपंच, ताराचंद प्रधान, डॉक्टर रघुवीर सिंह, नरेन्द्र सहरावत, दरयाब सिंह, रमेश सौरोत, लखनपाल तेवतिया ने किया।

मार्च से पहले अटोहा चौक पर सभा का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता किसान नेता जगपाल सिंह नंबरदार ने की और संचालन किसान मोर्चा के नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने किया।किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि केन्द्र सरकार देश के सभी संसाधनों के साथ कृषि को भी बड़े-बड़े कॉर्पोरेट घरानों को सौंपना चाहती है इसलिए सरकार ने आज तक किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी देने का वादा पूरा नहीं किया न ही देश के अंदर किसान मजदूर की कर्ज मुक्ति की जबकि बड़े बड़े कारपोरेट घरानों के लाखों करोड़ रुपए माफ़ कर दिए जिससे सरकार का किसान विरोधी चेहरा उजागर हो गया। किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि 9 दिसंबर 2021 को संयुक्त किसान मोर्चा को जो पत्र कृषि सचिव ने सौंपा था उसमें कीए गए वादों को आज तक पूरा नहीं किया, जिस कारण से खेती घाटे का सौदा बन रही है ऊपर से केंद्र सरकार किसान विरोधी बीज विधेयक, बिजली संशोधन विधेयक और मनरेगा को समाप्त करने जैसी किसान मजदूर विरोधी कदम उठा रही है।
किसान नेताओं ने कहा की 2025 के अगस्त सितंबर माह के अंदर भारी बारिश,बाढ़ और जल भराव के कारण पलवल जिले में लाखों एकड़ खरीफ की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई,हजारों एकड़ जमीन के अंदर रबी फसल की बुआई भी नहीं हुई परंतु हरियाणा सरकार ने मुआवजा देने की घोषणा करने के बावजूद जिले के किसानों को कोई राहत प्रदान नहीं की जिस कारण किसानों के ऊपर और भी संकट गहरा गया इसी कारण उनके अंदर भारी नाराजगी है। सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 2026 में और भी तीखे आंदोलन किए जाएंगे। ट्रेक्टर मार्च विभिन्न गांवों से जिनमें औरंगाबाद,मितरोल,घुघेरा, धतीर अल्लीका, अलावलपुर, जनौली,गहलब, फिरोजपुर राजपूत, घोड़ी,चिरवाडी,कमरावली, छज्जू नगर,रामदास का, बनचारी, गढ़ी आदि गांवों से सैकड़ों ट्रैक्टरों और किसानों ने भाग लिया।


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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।



