New Labour Codes: नौकरी जाने के बाद कर्मचारियों को मिलेगा डबल पैसा, सरकार का बड़ा फैसला
नए श्रम कानून में छंटनी मुआवजा के साथ मिलेगा री-स्किलिंग फंड, स्किल सीखकर तुरंत मिल सकेगी नई नौकरी।
21 नवंबर 2025 से लागू हुए नए श्रम कानूनों में कर्मचारियों के वेतन, ग्रेच्युटी और पीएफ से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव हुए हैं। छंटनी होने पर अब कर्मचारियों को मुआवजे के साथ री-स्किलिंग फंड भी मिलेगा, जिससे वे नई स्किल सीखकर जल्दी नौकरी पा सकेंगे।
केंद्र सरकार ने देश में 21 नवंबर 2025 से चार नए श्रम कोड लागू कर दिए हैं। इन नए लेबर कोड्स ने कर्मचारियों के जीवन और नौकरी सुरक्षा में कई बदलाव किए हैं। इनमें वेतन संरचना, ग्रेच्युटी, पीएफ और वर्किंग ऑवर्स के साथ-साथ एक ऐसा प्रावधान भी जोड़ा गया है, जो नौकरी छूटने की स्थिति में कर्मचारियों के लिए बेहद राहत देने वाला है। यह है—री-स्किलिंग फंड (Re-skilling Fund)।
क्या है री-स्किलिंग फंड?
नए प्रावधान के तहत छंटनी के बाद कर्मचारी को दो लाभ दिए जाएंगे—
1. छंटनी मुआवजा (Severance Compensation)
यह वही मुआवजा है जो पहले से लागू था। कंपनी को छंटनी के समय कर्मचारी को निश्चित रकम देनी होती है।
2. री-स्किलिंग फंड (Re-skilling Assistance)
यह नया नियम है। कंपनी द्वारा निकाले गए हर कर्मचारी के लिए एक फंड बनाया जाएगा, जिससे कर्मचारी को अतिरिक्त राशि दी जाएगी।
इस राशि का उद्देश्य है:
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नई स्किल सीखना
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रि-ट्रेनिंग
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दूसरी नौकरी खोजने में मदद
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करियर को पुनः आरंभ करने में सहूलियत
कैसे मिलेगा री-स्किलिंग फंड?
नए श्रम कोड के तहत:
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कंपनी निकाले गए कर्मचारी के पिछले 15 दिनों के वेतन के बराबर रकम री-स्किलिंग फंड में जमा करेगी।
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सरकार यह राशि सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में ट्रांसफर कराएगी।
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कर्मचारी चाहें तो इसे किसी ट्रेनिंग में उपयोग कर सकते हैं या नई नौकरी मिलने तक इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
नए श्रम कोड से कौन-कौन से फायदे होंगे?
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छंटनी के बाद तत्काल आर्थिक राहत
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नई स्किल सीखकर दोबारा नौकरी पाने का अवसर
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कर्मचारियों की नौकरी छूटने का डर कम
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स्किल्ड लेबर फोर्स बढ़ेगी
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कंपनियों में छंटनी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी
सरकार का यह कदम उन लाखों कर्मचारियों को राहत देने वाला है जो अचानक छंटनी के बाद आर्थिक संकट में आ जाते हैं। नए कानून से अब कर्मचारियों को नौकरी जाने पर “डबल आर्थिक मदद” मिल सकेगी।



