गरीब छात्रों को प्राइवेट स्कूल नहीं दे रहे दाखिला

मंच ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री  को पत्र लिखकर पात्र छात्रों को दाखिला दिलाने की मांग की

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हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने आरटीई 26 के तहत पात्र छात्रों को एलॉटेड प्राइवेट स्कूलों द्वारा दाखिला न देने की शिकायत मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को भेजकर पात्र छात्रों को दाखिला दिलाने की मांग की है।

हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने आरटीई 26 के तहत पात्र छात्रों को एलॉटेड प्राइवेट स्कूलों द्वारा दाखिला न देने की शिकायत मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को भेजकर पात्र छात्रों को दाखिला दिलाने की मांग की है।

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मंच ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया है कि जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने RTE अधिनियम की धारा 12(1)(c) की व्याख्या करते हुए कहा है कि संबंधित राज्य सरकारों और स्थानीय अधिकारियों की यह ज़िम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि समाज के कमज़ोर और वंचित वर्गों के स्टूडडेंट्स को  आस-पड़ोस के स्कूलों में एडमिशन देने से मना न किया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि आस-पड़ोस के स्कूलों की भी यह समान ज़िम्मेदारी है कि वे RTE Act और संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत अनिवार्य रूप से 25% छात्रों को एडमिशन दें। सभी राज्य सरकारों को शिक्षा अधिकार कानून के सभी प्रावधानों को सख्ती से लागू करना चाहिए।मंच का आरोप है कि हर साल की तरह इस साल भी प्राइवेट स्कूल खासकर सीबीएसई वाले एलॉटेड छात्रों को अपने स्कूल में दाखिला नहीं दे रहे हैं,उनको स्कूल गेट से ही वापस भेज रहे हैं या तरह-तरह की अड़चनें लगाकर उनको दाखिला देने से मना कर रहे हैं। उनका इरादा है कि किसी तरह 9 मई की लास्ट तारीख निकल जाए। मंच ने मौलिक शिक्षा निदेशालय पर भी आरोप लगाया है कि उसके विभाग के सिस्टम की लापरवाई का खामियाजा कई गरीब अभिभावक भुगत रहे हैं। कई अभिभावकों को उनके घर से 5 से 10 KM दूर स्कूल अलोट कर दिया है। जब कि उन्होंने 1 से 3 KM के स्कूल मांगें थे। नेहरू कॉलोनी एनआईटी निवासी एक महिला अभिभावक अनीता महतो ने कहा है कि उन्होंने अपने बच्चे के लिए प्रथम स्कूल शांति निकेतन एनआईटी व के एल मेहता एनआईटी लिखा था। लेकिन उनके बच्चे को 10 KM दूर के पल्ला स्थित शांति निकेतन अलोट कर दिया है।पीडिता ने DEEO को पत्र लिखकर मदद मांगी है। मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा व प्रदेश लीगल एडवाइजर एडवोकेट बीएस बिरदी ने कहा है कि पीड़ित छात्रों के अभिभावक अपनी शिकायत जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के पास कर रहे हैं लेकिन वहां उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मंच ने अभिभावकों से कहा है कि वे 9 मई से पहले एलॉटेड स्कूलों में जाकर अपने बच्चों का दाखिला करायें अगर स्कूल संचालक दाखिला देने से मना करते हैं तो इसकी लिखित शिकायत तुरंत DEEO कार्यालय सेक्टर 16 में करें और उसकी एक प्रति मंच के लीगल एडवाइजर एडवोकेट बीएस विरदी को उनके कोर्ट चैंबर 383 में दें। 

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