Rewari News: जिला प्रशासन की टीम ने रुकवाया बाल विवाह
बाल विवाह की रोकथाम के लिए लगातार जारी रहेगा अभियान : डीसी
डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में अपना काम करते हुए जिला प्रशासन की टीम ने इस जिले के एक गांव में बाल विवाह की कुप्रथा को रोकने के लिए सख्त कदम उठाया।
रेवाड़ी। डीसी अभिषेक मीणा के मार्गदर्शन में अपना काम करते हुए जिला प्रशासन की टीम ने इस जिले के एक गांव में बाल विवाह की कुप्रथा को रोकने के लिए सख्त कदम उठाया।

शुक्रवार को गांव हासावास में बाल विवाह होने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और संबंधित टीम ने दो लड़कियों के बाल विवाह को मौके पर जाकर परिजनों को समझाकर रुकवा दिया।
शुक्रवार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर जिला प्रशासन की टीम ने पाया कि गांव हासावास में चार दिन बाद दो लड़कियों का विवाह होना तय है। प्रारंभिक पड़ताल में इन दोनों लड़कियों की आयु 18 साल से कम पाई गई। एक लड़की की आयु 4 माह कम तथा दूसरी लड़की की आयु 2 साल कम पाई गई। यह पुष्टि होने के बाद इस विवाह को रुकवा दिया गया है।
विवाह अधिनियम के अनुसार शादी के लिए लड़की की आयु 18 साल और लड़के की आयु 21 साल होनी आवश्यक है। जिला प्रशासन की टीम में संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा, प्रमोद बागड़ी, ईएसआई विजेंद्र और महिला सिपाही अनिता की संयुक्त विभागीय टीम ने बाल विवाह रूकवाने में सफलता हासिल की।
बाल विवाह कानूनी अपराध : डीसी
इस विषय में डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि बाल विवाह करवाना निषेध अधिनियम 2006 के अन्तर्गत कानूनी अपराध है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 वर्ष से कम आयु की लड़के और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के को नाबालिग माना जाता है। यदि कम आयु में विवाह किया जाता है तो यह संज्ञेय और गैर जमानती अपराध है, ऐसा कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, उसको बढ़ावा देता है या उसकी सहायता करता है, तो उसे 2 साल तक की सजा और 1 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
डीसी अभिषेक मीणा ने आमजन से आह्वान किया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की व 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह होने के बारे में कोई भी सूचना प्राप्त होती है तो वे बाल विवाह निषेध अधिकारी, पुलिस हेल्पलाइन 112, मैजिस्ट्रेट या चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098 पर सम्पर्क कर सकते हैं, ताकि समय पर हस्तक्षेप करके नाबालिग के विवाह को रुकवाया जा सके।
डीसी अभिषेक मीणा ने आमजन से आह्वान किया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की व 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह होने के बारे में कोई भी सूचना प्राप्त होती है तो वे बाल विवाह निषेध अधिकारी, पुलिस हेल्पलाइन 112, मैजिस्ट्रेट या चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098 पर सम्पर्क कर सकते हैं, ताकि समय पर हस्तक्षेप करके नाबालिग के विवाह को रुकवाया जा सके।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।



