जाट समाज विकास समिति ने कहा, आईपीएस और एएसआई आत्महत्या की हो निष्पक्ष जांच

एसपी नरेंद्र बिजारणिया जिम्मेवार अधिकारी, उनके साथ हुआ व्यवहार उचित नहीं है

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एसपी नरेंद्र बिजारणिया जिम्मेवार अधिकारी है, उनकी कार्यप्रणाली को सभी जानते है हरियाणा सरकार के पास उसका रिकॉर्ड है जो व्यवहार बिजारणिया के साथ हुआ है, वह उचित नहीं है पहले सरकार को इसकी न्यायिक जांच करानी चाहिए थी।

प्रवीण बैंसला।

पलवल । जाट समाज विकास समिति ने एडीजीपी वाई पूरण कुमार व एएसआई संदीप लाठर की आत्महत्या मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पलवल की जाट धर्मशाला में हरिचंद शास्त्री, रामप्रसाद सरपंच, ज्ञान सिंह चौहान, रणवीर सिंह, करतार मंढनाका ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस तरह कर्मचारियों का आत्महत्या करना बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को मामले की तह तक जांच करानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो।

उन्होंने कहा कि जाट समाज विकास समिति की मांग है कि एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या की हाई कोर्ट के सिटिंग जज से न्यायिक जांच होनी चाहिए और न केवल आत्महत्या की बल्कि उनके पूरी सर्विस की जांच होनी चाहिए। एडीजीपी की पत्नी अमनीत कुमार ने जो बिंदु रखे हैं, उनमें हम कुछ बिंदुओं का समर्थन करते हैं, लेकिन मामले को जातिगत रंग देना गलत है।

जाट विकास समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि एएसआई संदीप लाठर ने भी आत्महत्या से पहले एक वीडियो और सुसाइड नोट में कुछ आरोप लगाए हैं, उनकी भी न्यायिक जांच होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा की सरकार ने न्यायप्रियता के राजधर्म को नहीं निभाया।

एसपी नरेंद्र बिजारणिया जिम्मेवार अधिकारी है, उनकी कार्यप्रणाली को सभी जानते है हरियाणा सरकार के पास उसका रिकॉर्ड है जो व्यवहार बिजारणिया के साथ हुआ है, वह उचित नहीं है पहले सरकार को इसकी न्यायिक जांच करानी चाहिए थी। किसी के भी दबाव में किसी निर्दोष को न फंसाए मामले की सही जांच हो। अगर सरकार किसी दबाव में ऐसा व्यवहार करती है तो जाट समाज सरकार के व्यवहार को देखते हुए बड़ी पंचायत का आयोजन करेंगे।

 

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पत्रकारों से बातचीत करते हुए जाट समाज विकास समिति के पदाधिकारी।
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