Gurugram News: थार मामला : 4 दिन बाद जिंदगी की जंग हार गया देवांश
चचेरी बहन वेंटिलेटर पर
शहर की पुरानी जेल कॉम्प्लेक्स के सामने 17 जुलाई की सुबह हुए सड़क हादसे में घायल फ्रीलांसर डिजाइनर देवांश ने चार दिन तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद सोमवार रात अस्पताल में दम तोड़ दिया।
गुरुग्राम: शहर की पुरानी जेल कॉम्प्लेक्स के सामने 17 जुलाई की सुबह हुए सड़क हादसे में घायल फ्रीलांसर डिजाइनर देवांश ने चार दिन तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद सोमवार रात अस्पताल में दम तोड़ दिया। हादसे में देवांश के परिवार के कुल चार लोग घायल हो गए थे। जांच में सामने आया कि तेज रफ्तार थार का चालक शराब के नशे में था और उसने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए देवांश की बलेनो कार को टक्कर मार दी थी। शिवाजी नगर थाना पुलिस ने मामले में आरोपित रोहित यादव को गिरफ्तार किया था।

पुलिस के अनुसार 17 जुलाई की सुबह सोहना चौक पर आरोपित रोहित यादव शराब पीकर थार चला रहा था। तेज रफ्तार के कारण उसने देवांश की कार को टक्कर मार दी। इस हादसे में कार सवार देवांश, उसकी चचेरी बहन याशिका, मां मिनाक्षी और दूसरी बहन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सभी को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
देवांश के सिर और छाती में गंभीर चोटें थीं। डॉक्टरों ने चार दिन तक इलाज किया, लेकिन सोमवार रात करीब 1:30 बजे उसने दम तोड़ दिया। देवांश पेशे से फ्रीलांसर डिजाइनर था और अभी अपना करियर शुरू ही कर रहा था।
हादसे में घायल देवांश की चचेरी बहन याशिका की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। वह अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। देवांश की मां और दूसरी बहन को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है।

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