Hisar News: पेरिस में यूनेस्को के वैश्विक सम्मेलन में लुवास का सफल प्रतिनिधित्व, डॉ. सुजॉय खन्ना की सहभागिता की सराहना
लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार के विस्तार शिक्षा विशेषज्ञ एवं हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र, करनाल में कार्यरत डॉ. सुजॉय खन्ना ने 15 से 17 जुलाई 2026 तक फ्रांस की राजधानी पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में आयोजित "2026 ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन द इंटरनेशनल डिकेड ऑफ साइंसेज फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट" में भाग लेकर विश्वविद्यालय का सफल प्रतिनिधित्व किया।
हिसार: लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार के विस्तार शिक्षा विशेषज्ञ एवं हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र, करनाल में कार्यरत डॉ. सुजॉय खन्ना ने 15 से 17 जुलाई 2026 तक फ्रांस की राजधानी पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में आयोजित "2026 ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन द इंटरनेशनल डिकेड ऑफ साइंसेज फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट" में भाग लेकर विश्वविद्यालय का सफल प्रतिनिधित्व किया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया के विभिन्न देशों के विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों ने सतत विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।

लुवास के कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने डॉ. सुजॉय खन्ना को इस वैश्विक सम्मेलन में आमंत्रित किए जाने और विश्वविद्यालय का प्रभावी प्रतिनिधित्व करने पर बधाई देते हुए कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सम्मेलन से प्राप्त अनुभव विश्वविद्यालय की अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों को और अधिक समृद्ध करेंगे।
विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. गौतम ने भी डॉ. खन्ना को बधाई देते हुए कहा कि लुवास के वैज्ञानिकों की अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक उत्कृष्टता और विस्तार शिक्षा की गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन से प्राप्त नवीन वैज्ञानिक जानकारियां और वैश्विक अनुभव किसानों, पशुपालकों तथा विश्वविद्यालय की विस्तार शिक्षा गतिविधियों को और अधिक प्रभावी एवं उपयोगी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
सम्मेलन के दौरान डॉ. सुजॉय खन्ना ने सतत पशुधन प्रबंधन, सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी), जैव-विविधता संरक्षण और "वन हेल्थ" जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आयोजित तकनीकी सत्रों एवं चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने, विज्ञान आधारित नवाचारों को व्यवहारिक स्तर पर लागू करने, वैज्ञानिक शोध से नीतिगत निर्णयों तक ज्ञान के प्रभावी हस्तांतरण तथा महासागरीय पारिस्थितिकी तंत्र एवं समुद्री जैव-विविधता के संरक्षण जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा हुई।
सम्मेलन में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि पशु-पक्षियों और जैव-विविधता का संरक्षण सतत विकास का आधार है तथा पृथ्वी के संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के बिना सतत विकास के लक्ष्य हासिल नहीं किए जा सकते।
डॉ. सुजॉय खन्ना ने सम्मेलन के दौरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष लुवास द्वारा संचालित विस्तार कार्यक्रमों की भी जानकारी साझा की। उन्होंने महिलाओं और युवाओं को पशुपालन के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए सशक्त बनाने, पशुधन क्षेत्र में आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को बढ़ावा देने तथा मीथेन उत्सर्जन में कमी लाकर जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों को विस्तार से प्रस्तुत किया।
सम्मेलन के समापन के बाद यूनेस्को के बेसिक साइंसेज, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन सेक्शन की प्रमुख डॉ. अमल कसरी ने अपने लिखित संदेश में डॉ. सुजॉय खन्ना की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डॉ. खन्ना की सहभागिता ने सम्मेलन के विचार-विमर्श को समृद्ध बनाने और सहयोगात्मक भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यूनेस्को की ओर से उनके सार्थक वैज्ञानिक योगदान के लिए विशेष धन्यवाद भी प्रेषित किया गया।

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