Faridabad News : युवा और राष्ट्र निर्माण में आर्य समाज की भूमिका अतुलनीय: विपुल गोयल

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आर्य समाज सेक्टर 7-ए में आयोजित तीन दिवसीय विशेष वेद प्रचार कार्यक्रम आचार्य सतीश सत्यम के पावन ब्रह्मत्व में यज्ञ और पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ।

आर्य समाज सेक्टर 7-ए में आयोजित तीन दिवसीय विशेष वेद प्रचार कार्यक्रम आचार्य सतीश सत्यम के पावन ब्रह्मत्व में यज्ञ और पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ। c

यज्ञ के दौरान ब्रह्मचारी पुलकित और देवांश आत्रेय ने अत्यंत सुरीले और शुद्ध वैदिक मंत्रोच्चार से पूरे वातावरण को भक्तिमय और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। तत्पश्चात आचार्य सतीश सत्यम तथा जितेंद्र सरल ने अत्यंत मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आर्य समाज के तत्वावधान में आयोजित एक कार्यक्रम में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल को मुख्य अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान आचार्य ऋषिपाल, संस्था के प्रधान निष्ठाकर आर्य, महामंत्री सतीश कौशिक, आचार्य सतीश सत्यम, विनोद कुमार मोदी ने मुख्य अतिथि को शाल ओढ़ाकर तथा सत्यार्थप्रकाश और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा, "मेरे जीवन और विचारों पर आर्य समाज का बहुत गहरा प्रभाव है। मैं सदैव महर्षि दयानन्द सरस्वती के दिखाए मार्ग और आदर्शों पर चलने का प्रयास करता हूँ।" उन्होंने समाज निर्माण में आर्य समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आर्य समाज जाति-पाति से ऊपर उठकर हर वर्ग में प्रभु भक्ति, यज्ञ और उत्तम कर्म करने का पवित्र संदेश देता है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में आर्य समाज के योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह संस्था युवाओं को उच्च संस्कार, योग शिविरों के माध्यम से उत्तम स्वास्थ्य, और कर्तव्यनिष्ठा का पाठ पढ़ाकर राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना जागृत कर रही है। कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री ने सत्संग भवन के जीर्णोद्धार (पुनर्निर्माण) कार्य के लिए अपनी ओर से यथासंभव सहयोग देने का पूरा आश्वासन भी दिया। क्रांतिकारी संत स्वामी सच्चिदानन्द महाराज ने अपने एक प्रेरणादायक उद्बोधन में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और योगेश्वर श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों पर विशेष प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि श्रीराम और श्रीकृष्ण ने अपने जीवन और आदर्शों के पालन से धर्म की रक्षा का जो मार्ग दिखाया है, वर्तमान संदर्भ में उसकी प्रासंगिकता और मर्यादा के पालन का संदेश अत्यंत महत्वपूर्ण व अनुकरणीय है। गुरुकुल इंद्रप्रस्थ के अधिष्ठाता आचार्य ऋषिपाल ने समाज को जागृत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में हमें अपने परिवारों में उच्च संस्कार और जागरूकता पैदा करने की महती आवश्यकता है। परिवार के प्रत्येक सदस्य को धर्म पालन की शिक्षा और प्रेरणा दी जानी चाहिए, क्योंकि संस्कारी परिवार ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। इस अवसर पर पीके मित्तल, नन्द किशोर मेहता, नंद लाल कालरा, वसु मित्र सत्यार्थी, अजीत कुमार आर्य, योगाचार्य देवराज आर्य, शशांक कौशिक, डा. संजीव आर्य,  जिले सिंह, संजय सेतिया, प्रकाश वती आर्या, सन्ध्या आर्या, ऊषा सेठी, रचना आहूजा, संघमित्रा कौशिक सहित विभिन्न आर्य समाजों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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