Gurugram News:बर्बरता पर मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश
दो साल पहले यानी 2024 के एक मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेने और उसे थर्ड डिग्री यातना देने के आरोप में मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। पीड़ित व्यक्ति की पत्नी ने मामले में हरियाणा मानवाधिकार आयोग को बीते दिनों शिकायत भेजी थी।
गुरुग्राम। दो साल पहले यानी 2024 के एक मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेने और उसे थर्ड डिग्री यातना देने के आरोप में मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। पीड़ित व्यक्ति की पत्नी ने मामले में हरियाणा मानवाधिकार आयोग को बीते दिनों शिकायत भेजी थी। इस पर आयोग ने संज्ञान लिया है।.jpeg)
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आयोग ने साक्ष्यों के संरक्षण, हिरासतीय सुरक्षा उपायों की जांच तथा राज्यभर में पुलिस प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन का आकलन करने के लिए व्यापक निर्देश जारी किए हैं।
यह शिकायत खुशी शर्मा ने की थी। इसमें आरोप लगाया कि उनके पति राकेश शर्मा को सितंबर 2024 में गुरुग्राम के सिविल लाइंस थाने में दर्ज एक एफआइआर के मामले में कुछ पुलिस कर्मियों ने चार मई से आठ मई तक हिरासत में रखा। इसमें स्टेट क्राइम ब्रांच भोंडसी, सेक्टर 40 क्राइम ब्रांच और सिविल लाइंस पुलिस कर्मी शामिल थे।
शिकायत में कहा गया कि राकेश शर्मा का नाम उस एफआइआर में दर्ज नहीं था, फिर भी उन्हें पुलिस हिरासत में लेकर कथित रूप से थर्ड डिग्री यातना दी गई। मारपीट की गई, उन्हें निर्वस्त्र किया गया, धमकाया गया, दबाव डाला गया। खाली कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया। अन्य अपमानजनक एवं अमानवीय कृत्य किए गए।
इससे उन्हें गंभीर शारीरिक एवं मानसिक आघात पहुंचा। आरोप है कि हिरासत के दौरान कथित यातना एवं उत्पीड़न के कारण बंदी की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई तथा उन्हें बेहोशी और दौरे जैसी स्थिति पर उपचार के लिए रोहतक पीजीआइ ले जाया गया।
आयोग ने कहा कि यदि ये आरोप सत्य पाए जाते हैं तो यह मानव गरिमा, शारीरिक अखंडता तथा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्रदत्त जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार के संरक्षण से संबंधित गंभीर प्रश्न उत्पन्न करते हैं।
आयोग ने पुलिस आयुक्त गुरुग्राम को निर्देश दिए हैं कि वे राज्य अपराध शाखा भोंडसी, सीआइए शाखा सेक्टर 40 तथा थाना सिविल लाइंस से संबंधित चार से नौ मई की सुबह की अवधि की समस्त सीसीटीवी फुटेज तत्काल प्राप्त कर सुरक्षित एवं संरक्षित करें। फुटेज में किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट सहित उसे आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
इस पर आयोग ने हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग तथा पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए कि वे राज्य भर के पुलिस थानों, लॉकअप, पूछताछ केंद्रों, सीआइए इकाइयों, राज्य अपराध शाखाओं तथा जांच एजेंसियों में सीसीटीवी प्रणालियों की स्थापना, संचालन, रखरखाव एवं रिकॉर्डिंग संरक्षण संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन पर विस्तृत राज्यस्तरीय कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

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