Nuh Mewat News: ड्रोन दीदी योजना- महिलाओं को ड्रोन तकनीक से आत्मनिर्भर बनाने की पहल - अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति
अतिरिक्त उपायुक्त ने ड्रोन दीदी योजना के तहत गठित जांच समिति बैठक की अध्यक्षता की
अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने बताया कि महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोडक़र आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा ड्रोन दीदी योजना संचालित की जा रही है।
नूंह।अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने बताया कि महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोडक़र आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा ड्रोन दीदी योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सदस्यों को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देकर उन्हें कृषि कार्यों में ड्रोन आधारित सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना के तहत जिला नूंह में 174 महिलाओं ने आवेदन किए हैं। 

अतिरिक्त उपायुक्त सोमवार को ड्रोन दीदी योजना के तहत प्राप्त आवेदन की जांच समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दे रही थी। उन्होंने बताया कि जांच समिति द्वारा पात्र महिलाओं की छंटनी कर इसकी सूची दृश्या करनाल को प्रशिक्षण के लिए भेजेेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों की अधिक से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देना सुनिश्चित किया जाए। ड्रोन दीदी योजना से महिलाओं के लिए आय सृजन के साधन के रूप में भी विकसित की गई है। प्रशिक्षित महिलाएं स्थानीय किसानों को खाद एवं कीटनाशकों के छिडक़ाव जैसी सेवाएं ड्रोन के माध्यम से किराये पर उपलब्ध करा सकेंगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत सरकार ड्रोन पैकेज की कुल लागत पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान करती है, जिसकी अधिकतम सीमा 8 लाख रुपये निर्धारित है। शेष 20 प्रतिशत राशि के लिए स्वयं सहायता समूह 5 लाख रुपये तक का बैंक ऋण प्राप्त कर सकते हैं। विशेष बात यह है कि इस ऋण पर पहले वर्ष का ब्याज हरियाणा सरकार स्वयं वहन करेगी।
प्रशिक्षण और कार्यान्वयन व्यवस्था
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पात्र महिला सदस्यों को दृश्या (हरियाणा ड्रोन इमेजिंग एवं सूचना सेवा) में प्रशिक्षण दिया जाएगा। करनाल स्थित यह राज्य की विशेष ड्रोन एजेंसी है, जो ड्रोन संचालन संबंधी प्रशिक्षण उपलब्ध कराती है। इसमें सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ कार्यस्थल पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण लागत हरियाणा सरकार के संबंधित विभाग द्वारा वहन की जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान कुछ महिलाओं को मुख्य ड्रोन पायलट तथा अन्य सदस्यों को ड्रोन सहायक के रूप में तैयार किया जाएगा, ताकि वे संचालन, रखरखाव एवं छोटी-मोटी तकनीकी मरम्मत का कार्य संभाल सकें।
पात्रता की शर्तें
ड्रोन दीदी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक महिला डे-एनआरएलएम के अंतर्गत गठित किसी महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हो। वह हरियाणा की स्थायी निवासी हो और उसकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच हो। वह कम से कम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण हो। उसके पास परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) आईडी उपलब्ध हो।
बैठक में आईटीआई मरोड़ा के प्रिंसीपल सुधीर सहरावत, एचएसआरएलएम के डीएम अब्दुल आश्री सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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