Mewat/ Tawdu News: फर्जी गैस सर्विस के नाम पर वसूली का आरोप एक ही सीरियल नंबर की रसीदों पर मचा हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी
शहर में गैस सर्विस और सुरक्षा जांच के नाम पर उपभोक्ताओं से अवैध रूप से धन वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में वार्ड नंबर 4 निवासी सुमित ने शहर थाना पुलिस को शिकायत देकर फर्जीवाड़ा करने वाले व्यक्तियों तथा मामले से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
तावड़ू। शहर में गैस सर्विस और सुरक्षा जांच के नाम पर उपभोक्ताओं से अवैध रूप से धन वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में वार्ड नंबर 4 निवासी सुमित ने शहर थाना पुलिस को शिकायत देकर फर्जीवाड़ा करने वाले व्यक्तियों तथा मामले से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार 26 जुलाई को चार व्यक्ति मोहल्ले में पहुंचे और स्वयं को जगदीश गैस सर्विस का कर्मचारी बताते हुए घर-घर जाकर गैस चूल्हों और सिलेंडरों की सुरक्षा जांच करने लगे। उन्होंने उपभोक्ताओं को बताया कि प्रत्येक पांच वर्ष बाद गैस उपकरणों की सुरक्षा जांच की जाती है और इसी प्रक्रिया के तहत उन्होंने लोगों से शुल्क लेकर रसीदें जारी कीं। बाद में जब विभिन्न उपभोक्ताओं की रसीदों का मिलान किया गया तो कई रसीदों पर एक ही सीरियल नंबर तथा समान जीएसटी नंबर अंकित होने की बात सामने आई, जिससे लोगों को संदेह हुआ।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई उपभोक्ताओं के नाम पर जारी रसीदों में एक जैसे सीरियल नंबर पाए गए। इसके बाद संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क किया गया। मामले की जानकारी मिलने पर लोगों ने संबंधित व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया, जिनमें से तीन व्यक्ति मौके से फरार हो गए, जबकि एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम नरसिंह पाल निवासी बुलंदशहर उत्तर प्रदेश बताया। आरोप है कि उसके पास गैस सर्विस के नाम की एक रसीद बुक थी, जिसे वह बाद में लेकर वहां से निकल गया। लोगों ने आशंका जताई है कि असली रसीदों की फोटोकॉपी का उपयोग कर उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की गई और उनसे धन वसूला गया। जांच अधिकारी एसआई सुरेंद्र के अनुसार शिकायत प्राप्त हुई है मामले की जांच की शुरू कर दी गई है।
वहीं नगर की गैस एजेंसी के संचालक सुमित जिंदल ने कहा कि उपभोक्ताओं के गैस उपकरणों की सुरक्षा जांच और निरीक्षण की प्रक्रिया पांच वर्ष के अंतराल पर की जाती है, जो सुरक्षा और बीमा संबंधी प्रावधानों से जुड़ी होती है। इस प्रकार की सर्विस शुरू करने के संबंध में एक बाहरी एजेंसी से बातचीत चल रही थी। इसी दौरान उनकी एक रसीद की फोटोकॉपी संबंधित लोगों के पास पहुंच गई। उन्होंने दावा किया कि निरीक्षण कार्य की आधिकारिक शुरुआत अभी नहीं हुई थी, लेकिन कुछ लोगों ने उसी फोटोकॉपी का इस्तेमाल कर उपभोक्ताओं से धन वसूली शुरू कर दी। जैसे ही उन्हें मामले की जानकारी मिली, उन्होंने पुलिस को सूचित कर दिया। यदि उनके खिलाफ भी शिकायत दी गई है तो वे निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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