डॉन 3 विवाद: रणवीर सिंह पर FWICE की कार्रवाई, बॉलीवुड में मचा घमासान
रणवीर सिंह के फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 छोड़ने के बाद FWICE ने नॉन-कोऑपरेशन का ऐलान किया है। फेडरेशन से जुड़े 30 क्राफ्ट के सदस्य फिलहाल रणवीर के साथ काम नहीं करेंगे। इस फैसले पर बॉलीवुड दो खेमों में बंट गया है और कई सितारों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है।
बॉलीवुड में इस वक्त एक बड़ा तूफान खड़ा हो गया है। अभिनेता रणवीर सिंह के नाम से जुड़ा यह विवाद अब पूरी इंडस्ट्री को दो हिस्सों में बांटता नजर आ रहा है। मामला शुरू होता है फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 , जिसे रणवीर सिंह के अचानक छोड़ने की खबर सामने आई। इसके बाद FWICE यानी फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज ने कड़ा कदम उठाते हुए रणवीर के खिलाफ तथाकथित बैन का ऐलान कर दिया। फेडरेशन के इस फैसले के मुताबिक, जब तक मामला सुलझता नहीं है, तब तक FWICE से जुड़े 30 क्राफ्ट के सदस्य रणवीर सिंह के साथ किसी भी प्रोजेक्ट पर काम नहीं करेंगे। इस ऐलान के बाद पूरी फिल्म इंडस्ट्री में खलबली मच गई और रणवीर के समर्थन में कई दिग्गज सामने आ गए।
इस विवाद में अभिनेता चंकी पांडे का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। चंकी पांडे ने खुलासा किया कि वह खुद भी कभी ऐसे ही बैन का शिकार हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि साल 1987 में फिल्म इंडस्ट्री में हड़ताल चल रही थी और शूटिंग की इजाजत नहीं थी, लेकिन उसी दौरान उनकी फिल्म आग ही आग की शूटिंग ऊटी में हो गई। इससे नाराज फेडरेशन ने फिल्म से जुड़े हर व्यक्ति पर बैन लगा दिया। चंकी ने कहा कि उस वक्त धर्मेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे बड़े सुपरस्टार्स को बैन करना मुश्किल था, क्योंकि उनके पास एक साथ 30–40 फिल्में थीं, लेकिन वह नए थे और उनकी पहली फिल्म भी रिलीज नहीं हुई थी, इसलिए उन्हें एक हफ्ते के लिए बैन झेलना पड़ा। बाद में माफी मांगने के बाद उन्हें दोबारा काम करने की इजाजत मिली। चंकी पांडे ने कहा, “हमारी इंडस्ट्री बहुत छोटी और नाजुक है, और मैंने यह सब खुद झेला है।”
रणवीर सिंह के समर्थन में आवाज उठाने वालों में अभिनेता मनोज बाजपेयी भी शामिल हैं। अपनी अपकमिंग फिल्म गवर्नर के प्रमोशनल इवेंट के दौरान जब उनसे इस बैन को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बेहद संतुलित जवाब दिया। मनोज बाजपेयी ने कहा कि यह जगह इस विषय पर बात करने के लिए सही नहीं है और इंडस्ट्री के ज्यादातर लोग इस पूरे मामले के बारे में सिर्फ सोशल मीडिया के जरिए ही जान रहे हैं। उन्होंने कहा, “एक को-वर्कर और इस बिरादरी के सदस्य के तौर पर हम बस यही उम्मीद कर सकते हैं कि यह मामला बिना किसी और बढ़ावे के जल्द सुलझ जाए।”
वहीं फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने FWICE के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि जब कोई ए-लिस्टर हीरो शूट करता है, तो उसके साथ सेट पर 300 से ज्यादा वर्कर्स काम करते हैं। किसी अभिनेता को बैन करने से उस अभिनेता को नहीं, बल्कि उन मजदूरों को नुकसान होता है,
बढ़ती आलोचना के बीच FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने सामने आकर सफाई दी है। अशोक पंडित ने कहा कि लोगों ने उनके आदेश का गलत मतलब निकाल लिया है। उन्होंने साफ किया कि FWICE कोई कोर्ट नहीं है और न ही किसी को बैन करने का अधिकार रखती है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन ने सिर्फ “नॉन-कोऑपरेशन” का फैसला लिया है, जिसका मतलब यह है कि उनके 30 क्राफ्ट के सदस्य अपनी इच्छा से रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगे। अशोक पंडित ने यह भी कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि इंडस्ट्री में एक गलत ट्रेंड शुरू हो रहा था।




