Mewat News: तावड़ू में अवैध खनन पर फिर उठे सवाल, निजी भूमि पर खनन के पत्थर डालकर कब्जे का आरोप
क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच एक बार फिर अवैध खनन से जुड़े पत्थरों को निजी भूमि पर डालकर जबरन कब्जा करने का आरोप लगा है।
तावड़ू। क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच एक बार फिर अवैध खनन से जुड़े पत्थरों को निजी भूमि पर डालकर जबरन कब्जा करने का आरोप लगा है। इस घटना ने न केवल निजी संपत्ति की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियों के जारी रहने के दावों को भी बल दिया है। मामले की शिकायत शहर थाना पुलिस को दी गई है और कार्रवाई की मांग की गई है।

स्थानीय निवासी जुबेर ने आरोप लगाया है कि उनके नाम लगभग 2400 वर्ग गज भूमि दर्ज है, जिसकी रजिस्ट्री भी उनके पास मौजूद है। इसके अलावा राधा स्वामी सत्संग भवन के सामने बाईपास स्थित करीब 400 वर्ग गज के एक अलग प्लाट पर भी उनका लंबे समय से कब्जा है। उनका कहना है कि उक्त प्लाट पर क्रेशर व अन्य भवन निर्माण सामग्री रखी हुई थी तथा चारदीवारी के साथ मिट्टी भराई का कार्य भी कराया गया था।
जुबेर के अनुसार 10 जुलाई की शाम करीब छह बजे कुछ लोगों ने उनके प्लाट पर अवैध खनन से जुड़े पत्थर डाल दिए और जबरन कब्जा करने का प्रयास किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पत्थर डालकर उनकी भूमि पर कब्जा जमाने की कोशिश की गई है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि प्लाट पर डाले गए पत्थरों को तत्काल हटाया जाए तथा मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन से निकाला गया पत्थर आज भी खुलेआम चारदीवारी, भवन निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों में उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि रात के समय अवैध खनन सामग्री शहरी क्षेत्र तक पहुंचाई जाती है और विभिन्न निर्माण कार्यों में उसका इस्तेमाल किया जाता है। जुबेर ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपकर जबरन कब्जे के प्रयास की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में अवैध खनन पर नियंत्रण को लेकर किए जा रहे दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला न केवल निजी संपत्ति पर अतिक्रमण का है, बल्कि क्षेत्र में अवैध खनन भी खुलासा करता है। फिलहाल पुलिस को शिकायत दे दी गई है और मामले की जांच की मांग की गई है। कुल मिलाकर इस घटना ने एक बार फिर तावड़ू क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियों तथा उन पर अंकुश लगाने के प्रयासों की पोल खोल दी है।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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