इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में विभिन्न कॉलेजों से पहुंचे विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणामों में लगातार सामने आ रही त्रुटियों, रि वैल्यूएशन में हो रही देरी, री-अपीयर, ऑनलाइन सुविधाओं की कमी तथा अन्य छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखीं।
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में विभिन्न कॉलेजों से पहुंचे विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणामों में लगातार सामने आ रही त्रुटियों, रि वैल्यूएशन में हो रही देरी, री-अपीयर, ऑनलाइन सुविधाओं की कमी तथा अन्य छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखीं। अपनी मांगों को लेकर एकजुट हुए छात्र।
छात्र नेता रवि मसीत ने बताया कि इस बैठक के दौरान विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विस्तृत चर्चा हुई। शुरुआत में कुछ समय तक तीखी बहस एवं हंगामे की स्थिति भी बनी, मगर बाद में दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक संवाद के माध्यम से प्रमुख मुद्दों पर सहमति बन गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। बता दें कि विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष मांग रखी कि परीक्षा परिणामों में होने वाली सभी प्रकार की त्रुटियों का समयबद्ध एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाए। रि वैल्यूएशन का परिणाम घोषित करने के लिए समय-सीमा तय की जाए। सभी परीक्षा परिणाम निर्धारित समय के भीतर जारी किए जाएं तथा परिणाम, अंकपत्र, डिग्री एवं अन्य शैक्षणिक अभिलेखों में होने वाली त्रुटियों के समाधान की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय स्वयं ले।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने छठे सेमेस्टर के री-अपीयर विद्यार्थियों को स्पेशल चांस देकर उनका एक वर्ष बचाने, सभी प्रकार की फीस जमा करने की प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन करने, प्रत्येक भुगतान की ऑनलाइन रसीद उपलब्ध कराने, माइग्रेशन सर्टिफिकेट की आवेदन एवं शुल्क जमा प्रक्रिया को ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ने, प्रभावी ऑनलाइन ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम स्थापित करने तथा परीक्षा, परिणाम, री-अपीयर, रि वैल्यूएशन एवं अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी सभी सूचनाएं समय पर विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट एवं पोर्टल पर जारी करने की मांग प्रमुखता से उठाई।
बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी प्रमुख बिंदुओं पर सकारात्मक सहमति व्यक्त की। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक मांग पर नियम अनुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं विद्यार्थी हितैषी बनाया जाएगा।
छात्र नेता के अनुसार इस आंदोलन में प्रदेश के अनेक सरकारी एवं निजी महाविद्यालयों के विद्यार्थी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी विद्यार्थियों ने एकजुट होकर अपनी समस्याओं को मजबूती से रखा, जिनमें एक ही विषय में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के असफल घोषित होने सहित परीक्षा प्रणाली से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे।
पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा। विश्वविद्यालय अधिकारियों, छात्र प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में वार्ता शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। सकारात्मक सहमति बनने के बाद विद्यार्थियों ने इसे छात्रहित की महत्वपूर्ण जीत बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया।विद्यार्थियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि छात्रहित से जुड़े मुद्दों का स्थायी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराना था। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी प्रमुख मांगों पर सहमति दिए जाने के बाद विद्यार्थियों ने विश्वास व्यक्त किया कि घोषित आश्वासनों को शीघ्र लागू किया जाएगा, जिससे भविष्य में हजारों विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।इस मौके पर राहुल राकेश शिवराज हरीश कुणाल आशीष आदि छात्र उपस्थित रहे।
नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।