भारत- अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस अध्यक्ष शैलजा ने उठाए सवाल
बोली, क्या भारत के रोज़गार आधारित क्षेत्रों के साथ न्याय हुआ?
भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुआ व्यापार समझौता सरकार द्वारा एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि के रूप में पेश किया जा रहा है। बड़े-बड़े दावों के बीच गुरुग्राम कांग्रेस महिला सेल की अध्यक्ष शैलजा भाटिया ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
गुरुग्राम:भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुआ व्यापार समझौता सरकार द्वारा एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि के रूप में पेश किया जा रहा है। बड़े-बड़े दावों के बीच गुरुग्राम कांग्रेस महिला सेल की अध्यक्ष शैलजा भाटिया ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शैलजा ने कहा कि यह देखना जरूरी है कि इन दावों के बीच कुछ सेक्टर, खासतौर पर भारत के उन क्षेत्रों को लेकर जिन पर करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी टिकी है, जैसे कृषि, डेयरी और कपड़ा उद्योग।

शैलजा ने कहा कि जब तक इस समझौते का पूरा कानूनी दस्तावेज़ सार्वजनिक नहीं किया जाता, तब तक देश से यह उम्मीद की जा रही है कि वह सिर्फ सरकारी बयानों पर भरोसा करे। यह किसी भी लोकतंत्र में सही तरीका नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में व्यापार का मतलब रोजगार होता है। भारत में व्यापार केवल निर्यात और विदेशी नीति का विषय नहीं है। यह किसानों, मज़दूरों और महिलाओं की आमदनी से जुड़ा हुआ मुद्दा है। देश के करोड़ों परिवार खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं, वहीं कपड़ा उद्योग में लाखों महिलाएं और युवा काम करते हैं। अगर किसी समझौते से इन क्षेत्रों पर असर पड़ता है, तो उसका असर सीधे समाज की रीढ़ पर पड़ता है।
सरकारी और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार यह समझौता एक पूरा मुक्त व्यापार समझौता नहीं, बल्कि सिर्फ कुछ टैरिफ (आयात शुल्क) कम करने का पहला चरण है। अमेरिका ने भारत से जाने वाले कई सामानों पर टैक्स घटाकर लगभग 18% कर दिया है, जो पहले बहुत ज़्यादा था। लेकिन अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि कौन से सामान इस छूट में शामिल हैं और कौन से बाहर। जब तक पूरी सूची सार्वजनिक नहीं होगी, तब तक यह पता नहीं चलेगा कि किसका फायदा हुआ और किसका नुकसान।
शैलजा ने कहा कि अगर यह समझौता सच में भारत के लिए है, तो आने वाले चरणों में किसानों के लिए लिखित सुरक्षा और कपड़ा उद्योग के लिए असली बाजार पहुंच देनी ही होगी। यही एक सच्ची रणनीतिक साझेदारी होगी।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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