Gurugram News: पीएम मोदी के वीडियो के एक घंटे बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन
आधी रात अनशन तोड़ने से हर कोई रह गया स्तब्ध
सोनम वांगचुक ने आखिरकार 26 दिनों के लंबे अनशन को समाप्त कर दिया है। केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
गुरुग्राम: सोनम वांगचुक ने आखिरकार 26 दिनों के लंबे अनशन को समाप्त कर दिया है। केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। यह घटनाक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया पर जारी एक खास वीडियो के ठीक एक घंटे बाद हुआ। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि पूरा मामला पहले से तय था। दरअसल, केंद्र के दो मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह सोनम के लगातार संपर्क में थे। सफदरजंग में दाखिल होने के बाद से ही उनके अनशन तोड़ने की पटकथा तैयार कर ली गई थी। इतना ही नहीं इस पटकथा के तहत करेक्टर भी सिलेक्ट थे तथा समय और स्थान भी। कई दौर की मुलाकात और वार्ता के बाद सरकार सोनम का अनशन तुड़वाने में सफल हुई। मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह सोनम से कई दौर की मुलाकात और वार्ता कर चुके थे। गुरुग्राम के मेदांता में भर्ती होने के बाद भी सबसे पहले जेपी नड्ड ही सोनम का हालचाल लेने पहुंचे थे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को बेहतर ट्रीटमेंट की हिदायत भी दी थी। बताया जाता है कि नड्डा ही इस पूरे घटनाक्रम के सूत्रधार की भूमिका में रहे। उन्होंने सोनम की पत्नी से उनकी सेहत को लेकर बातचीत की और उन्हें बताया कि सोनम की कितनी जरूरत है। बताया यही जा रहा है कि जिद पर अड़े सोनम को उनकी पत्नी ने ही अनशन तोड़ने के लिए मनाया।

रात एक बजे मची हलचल
रात 12:30 बजे के करीब दोनों केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता पहुंचे। इसके करीब आधे घंटे बाद यानी करीब एक बजे सोनम ने X पर एक पोस्ट डाली। ठीक 21 मिनट बाद उस पोस्ट की एडिट की और पोस्ट में फोटो और वीडियो एड किए। जैसे ही यह खबर मीडिया में पहुंची, बड़ी खलबली मच गई। अनशन तोड़ने के बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया हैंडल X पर एक पोस्ट डाली और अनशन समाप्त करने की आधिकारिक सूचना साझा की। अपनी पोस्ट में सोनम ने लिखा कि "अभी-अभी केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा एवं डॉ. जितेंद्र सिंह तथा लेह-लद्दाख के एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में मैंने 26 दिनों के बाद अपना उपवास तोड़ा। इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने या तो मुझसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने की अपील की थी। यह फैसला विभिन्न शर्तों पर लंबी वार्ता के बाद और देश में संभावित हिंसा को देखते हुए लिया गया है।"

वांगचुक ने पोस्ट में आगे कहा, "उन्होंने विभिन्न शर्तों पर चली लंबी बातचीत के बाद यह फैसला लिया। मैं जल्द ही एक अलग से वीडियो पोस्ट करूंगा और शर्तों पर विस्तार से बात करूंगा। आप लोगों से अनुरोध करता हूं कि आप कहीं भी किसी तरह की हिंसा को बढ़ावा न दें।"
वांगचुक नीट पेपर लीक के मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने की मांगों को लेकर पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। जेपी नड्डा के साथ हुई चर्चा के बाद उन्होंने अनशन तोड़ने का एलान किया। उनके साथ डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद थे।
बता दें, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मंगलवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी। इससे पहले वांगचुक को कोर्ट के आदेश के बाद सफदरजंग अस्पताल से यहां लाया गया था। दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने डॉ. सुशीला कटारिया की देखरेख में अस्पताल की आईसीयू 8 में भर्ती में वांगचुक के स्वास्थ्य का हालचाल लिया।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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