एसपीआर पर सिग्नल फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण का इंतजार खत्म

4.2 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर से मुंबई, द्वारका एक्सप्रेसवे, एनएच-48 और गुरुग्राम-सोहना सीधे होंगे कनेक्ट

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 वाटिका चौक से एनएच-48 तक सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) पर प्रस्तावित सिग्नल फ्री एलिवेटेड के निर्माण का इंतजार अब खत्म होने वाला है। जल्द ही इसका निर्माण शुरू हो जाएगा। बताया जा रहा है इसके लिए टेंडर 22 अप्रैल खोलने की तैयारी कर ली गई है।

 गुरुग्राम:वाटिका चौक से एनएच-48 तक सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) पर प्रस्तावित सिग्नल फ्री एलिवेटेड के निर्माण का इंतजार अब खत्म होने वाला है। जल्द ही इसका निर्माण शुरू हो जाएगा। बताया जा रहा है इसके लिए टेंडर 22 अप्रैल खोलने की तैयारी कर ली गई है। बताया यह भी जा रहा है कि टेंडर होते ही तत्काल इसका वर्क एलॉट कर दिया जाएगा। गुरुग्राम मेट्रोपालिटन डेवलपमेंट अथाॅरिटी (जीएमडीए) के अधिकारियों का दावा है कि जुलाई इसके निर्माण की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। इसके निर्माण की समय सीमा का निर्धारण भी कर दिया गया है। ढाई साल में इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य तय करने की तैयारी है। इस एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ ही वाटिका चौक पर इंटरचेंज बनाने की तैयारी भी चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि काॅरिडोर के साथ ही तेजी से इंटरचेंज का काम भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए अलग से डिटेल प्रोजेक्ट रिपार्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
बता दें कि वाटिका चौक से एनएच-48 तक एसपीआर पर 4.2 किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री एलिवेटेड काॅरिडोर बनाया जाएगा, जिससे द्वारका एक्सप्रेसवे, एनएच-48 और गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड काॅरिडोर के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यातायात सुगम बनेगा।

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755 करोड़ होंगे खर्च

इस परियोजना पर लगभग 755 करोड़ के खर्च का अनुमान है। परियोजना के तहत वाटिका चौक से एनएच-48 के बीच सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) को सिग्नल-फ्री कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। शहर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को घटाने और आवागमन को बेहतर बनाने के लिए एक स्थाई समाधान होगा। प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर जमीनी स्तर पर ट्रैफिक भीड़ को कम करने में सहायक होगा, क्योंकि यह वाहनों के लिए एक अतिरिक्त यातायात स्तर उपलब्ध कराएगा, जिससे जाम की स्थिति में कमी आएगी और विशेष रूप से पीक आवर्स के दौरान यात्रा समय में सुधार होगा।

 4.2 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर 
यह कॉरिडोर वाटिका चौक से एनएच 48 तक दोनों तरफ 4 - 4 लेन का होगा।  3- 3 लेन की मुख्य सर्विस रोड होगी। इसमें 2-2 लेन की सेकेंडरी सर्विस लेन भी शामिल हैं। प्रमुख जंक्शनों पर वाहनों के प्रवेश और निकास के लिए दो-लेन के अप और डाउन रैंप बनाए जाएंगे। एनएच-48 पर एक इंटरचेंज का निर्माण भी किया जाएगा। राजीव चौक और सुभाष चौक पर बढ़ा दबाव, द्वारका एक्सप्रेसवे, सदर्न पेरिफेरल रोड यानी एसपीआर और गुरुग्राम-जयपुर की ओर से सोहना या फरीदाबाद जाने वाले वाहनों को प्रमुख राजमार्गों तक पहुंचने के लिए राजीव चौक या सुभाष चौक के रास्ते गुजरना पड़ता है।

यह होगा लाभ

काॅरिडोर बनने के बाद शहर के व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक दबाव कम हो जाएगा। बता दें कि एसपीआर तेजी से विकसित हुआ है और कमर्शियल हब बन चुका है। कई बड़े काॅरपोरेट आफिस और माल बन गए हैं। जीएमडीए सीईओ पीसी मीणा के अनुसार सिग्नल-फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर की टेंडर प्रक्रिया इसी महीने पूरी कर ली जाएगी। इसके साथ वाटिका चौक पर इंटरचेंज बनाने की तैयारी चल रही है। यह परियोजना एसपीआर कॉरिडोर के साथ तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों की भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इससे शहर के मुख्य चौराहों और आंतरिक सड़कों पर भी ट्रैफिक दबाव घटाने में मदद मिलेगी।

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