Rewari news: नौतपा की शुरुआत आज से, गर्मी व लू से बचने के लिए सावधानी बरतें आमजन
जिला प्रशासन ने दी नेक सलाह
ज्येष्ठ माह के दौरान सोमवार को नौतपा की शुरुआत होने जा रही है यानि अगले 9 दिन सूर्यदेव का कहर हर ओर नजर आएगा, इसलिए प्रत्येक जिलावासी को इस समय के दौरान मौसम के बदले तेवर से बचना होगा। रविवार को जिला रेवाड़ी प्रशासन ने जिलावासियों को गर्मी और लू से बचने की नेक सलाह देते हुए कुछ खास निर्देश दिए हैं।
रेवाड़ी: ज्येष्ठ माह के दौरान सोमवार को नौतपा की शुरुआत होने जा रही है यानि अगले 9 दिन सूर्यदेव का कहर हर ओर नजर आएगा, इसलिए प्रत्येक जिलावासी को इस समय के दौरान मौसम के बदले तेवर से बचना होगा। रविवार को जिला रेवाड़ी प्रशासन ने जिलावासियों को गर्मी और लू से बचने की नेक सलाह देते हुए कुछ खास निर्देश दिए हैं।डीसी अभिषेक मीणा ने आह्वान किया कि गर्मियों के मौसम में तापमान में अत्यधिक वृद्धि होने के कारण जनजीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। बढ़ती गर्मी और लू के चलते लोगों को डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना, थकान और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं, इसलिए सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। तेज गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखा जाए क्योंकि ये वर्ग गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। माता - पिता अपने बच्चों को धूप में घर से बाहर खेलने नहीं भेजे और घर में भी उनको पर्याप्त पानी पिलाते रहें।
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बुजुर्गों को ठंडे और हवादार स्थान पर रखें उनकी सेहत की विशेष निगरानी रखें। आम नागरिक भी दोपहर के वक्त, दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलें। इस समय सूर्य की किरणें सबसे अधिक तीव्र होती हैं, जिससे लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। अगर किसी जरूरी काम से बाहर जाना आवश्यक हो, तो सिर ढक कर रखें। इसके लिए टोपी, गमछा या छाता इस्तेमाल करें। हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें, जिससे शरीर को ठंडक मिल सके।
तरल पदार्थ पीने की सलाह: डीसी ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना अत्यंत आवश्यक है। दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इसके अलावा, नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और फलों का रस जैसे तरल पदार्थों का सेवन लाभकारी होता है। अधिक तैलीय, मसालेदार और बासी भोजन खाने से बचें, क्योंकि ये शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं और पाचन संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं।
मजदूर वर्ग रखें अपना ख्याल: बाहर कार्य करने वाले मजदूर भी अपना ख्याल रखें। इनके लिए संस्थान मालिक कार्य स्थल पर छाया, ठंडे पानी और आराम के लिए पर्याप्त समय की व्यवस्था करें।। नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करें कि श्रमिकों को अत्यधिक गर्मी में लगातार काम न करना पड़े।
बीमारी के लक्षण दिखें तो लें चिकित्सकीय परामर्श: यदि किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण जैसे तेज बुखार, उल्टी, सिरदर्द, चक्कर आना या बेहोशी दिखाई दें, तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं, उसके शरीर को ठंडा करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। एक-दूसरे की मदद करें और जरूरतमंदों को पानी एवं छाया उपलब्ध कराने का प्रयास करें। गर्मी में पक्षियों और पशुओं के लिए भी दाना-पानी आदि की व्यवस्था अवश्य करें।




