Gulha cheeka News:चीका अनाज मंडी में हुए झार कांड मामले में प्रशासन पर लीपापोती का आरोप, किसान यूनियन भड़की
गेहूं की जगह भेजी झार की बोरियां, खुलासे के बाद भी अधिकारी नरम 4 दिन का लाइसेंस रद्द करना खानापूर्ति, चढूनी ग्रुप ने सरकार को लिखा पत्र
एशिया की प्रमुख अनाज मंडी चीका के बहुचर्चित झार कांड मामले में प्रशासन पर गंभीर लीपापोती के आरोप लगे हैं। भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप ने आरोप लगाया है कि सम्बन्धित फर्म ने सम्बन्धित अधिकारियों से मिलीभगत कर पूरे मामले को रफा-दफा करा दिया।
गुहला चीका। एशिया की प्रमुख अनाज मंडी चीका के बहुचर्चित झार कांड मामले में प्रशासन पर गंभीर लीपापोती के आरोप लगे हैं। भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप ने आरोप लगाया है कि सम्बन्धित फर्म ने सम्बन्धित अधिकारियों से मिलीभगत कर पूरे मामले को रफा-दफा करा दिया।
कैसे हुआ खुलासा:
प्राप्त जानकारी के अनुसार चीका मंडी के एक आढ़ती द्वारा खाद्य आपूर्ति विभाग को गेहूं की जगह झार की 68 बोरियां भेज दी थीं। इसकी भनक लगते ही सम्बन्धित अधिकारियों ने जांच की और जब जांच में गेहूं की जगह झार की बोरियां मिलीं, तो आनन-फानन में उन्हें रिजेक्ट करके वापिस भेज दिया गया, जबकि सच्चाई यह थी कि झार मिश्रित गेहूं की बोरियां ट्रक से उतरवाकर गोदाम में लगा दी गई थी नतीजतन केवल रिजेक्ट जैसी कार्रवाई करने के साथ साथ सम्बन्धित आढ़ती व अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी थी परंतु आढ़ती का मात्र चार दिनों के लिए लाइसेंस रद्द कर मामले की लीपापोती कर दी गई।
किसान यूनियन का आरोप:
भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के नेता लखविंद्र किंदर ने हरियाणा सरकार को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मामले का खुलासा हो जाने के बावजूद अधिकारियों ने फर्म पर सख्ती नहीं की, जबकि अधिकारियों ने फर्म से साठगांठ कर ली। चार दिन का लाइसेंस रद्द करना दिखावा मात्र है। असल में फर्म को बचाने के लिए प्रशासन ने लीपापोती की है।
सरकार से तीन मांगें:
किसान नेता लखविंद्र किंदर ने पत्र में साफ कहा है कि फर्म का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किया जाए। सम्बन्धित अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए और मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। किसान नेता ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने 7 दिन के अन्दर अन्दर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो यूनियन गुहला चीका में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी अनाज में हेराफेरी और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।
अधिकारियों का पक्ष:
इस मामले में सम्बन्धित अधिकारियों ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमानुसार कार्रवाई की गई है। जांच प्रक्रिया जारी है और जांच के दौरान जो भी सामने आएगा, उसी के अनुरूप आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।




