Nuh Mewat News: भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी से मेवात गायब, आफताब अहमद का तीखा हमला, बोले ये कैसा सबका साथ, सबका विश्वास।
जब कार्यकारणी में भी मेवात के नेताओं को जगह नहीं तो क्या चुनावी फायदे के लिए उन्हें इस्तेमाल करती है: आफताब अहमद
हाल ही में हरियाणा भाजपा पार्टी ने प्रदेश के पदाधिकारियों की नई कार्यकारणी घोषित की जिसमें मेवात से किसी भी समाज से एक भी नेता को शामिल नहीं किया गया है।
मेवात/नूंह: हाल ही में हरियाणा भाजपा पार्टी ने प्रदेश के पदाधिकारियों की नई कार्यकारणी घोषित की जिसमें मेवात से किसी भी समाज से एक भी नेता को शामिल नहीं किया गया है। जिसको लेकर नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा प्रदेश कार्यकारणी में मेवात के एक भी नेता नेता को जगह नहीं तो क्या भाजपा मेवाती मुस्लिम नेताओं को चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल करती है या फिर ये नेता केवल मलाई खाने में व्यस्त हैं। या फिर भाजपा को इन नेताओं की क्षमताओं पर शक है।

नूंह से कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद ने रविवार को अपने कार्यालय पर पत्रकारवार्ता का आयोजन किया। जिसमें उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हाल ही में घोषित हुई प्रदेश कार्यकारिणी में एक बार फिर मेवात क्षेत्र की पूरी तरह अनदेखी की गई है। भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी में मेवात के एक भी नेता को स्थान नहीं दिया गया, जबकि हाल के वर्षों में कांग्रेस के कई विधायक, पूर्व विधायक और क्षेत्र के कई बड़े राजनीतिक चेहरे भाजपा में शामिल हुए हैं।
चौधरी आफताब अहमद ने कहा कि भाजपा पूरे देश में "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" का नारा देती है, लेकिन प्रदेश कार्यकारिणी की सूची इस नारे की सच्चाई उजागर करती है। सूची में एक भी मुस्लिम नेता को जिम्मेदारी नहीं दी गई, जिससे भाजपा की कथनी और करनी का अंतर साफ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल हुए नेताओं को उम्मीद थी कि पार्टी उनकी राजनीतिक क्षमता और जनाधार का सम्मान करेगी, लेकिन प्रदेश कार्यकारिणी में उन्हें कोई स्थान नहीं मिला। इससे साफ है कि भाजपा या तो अपने नेताओं की क्षमता पर विश्वास नहीं करती या फिर उन्हें केवल चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल करती है।
विधायक चौधरी आफताब अहमद ने कहा कि भाजपा जो कहती है, वह करती नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी में कुछ नेता केवल "मलाई खाने" के लिए शीर्ष पदों पर बैठे हैं, जबकि वर्षों से जनता के बीच काम करने वाले नेताओं और मेवात जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र की लगातार उपेक्षा की जा रही है।




