Kurukshetra/Pehowa News : गीता के सिद्धांतों को जीवन में उतारने से ही मिलेगा सच्चा सुख व शांति : स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज
अनाज मंडी में आयोजित दिव्य गीता सत्संग के तीसरे दिन गीता मनीषी परम पूज्य स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी प्रवचनों की अमृत वर्षा करते हुए श्रद्धालुओं को श्रीमद्भगवद्गीता के गूढ़ रहस्यों से अवगत कराया।
पिहोवा: अनाज मंडी में आयोजित दिव्य गीता सत्संग के तीसरे दिन गीता मनीषी परम पूज्य स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी प्रवचनों की अमृत वर्षा करते हुए श्रद्धालुओं को श्रीमद्भगवद्गीता के गूढ़ रहस्यों से अवगत कराया।

स्वामी जी ने कहा कि गुरु और शिष्य का संबंध अत्यंत पवित्र एवं दिव्य होता है। जिस प्रकार चंद्रमा सदैव प्रकाशमान रहता है, किंतु बीच में आए बादल उसके प्रकाश को ढक लेते हैं, उसी प्रकार गुरु का ज्ञान और कृपा सदैव समान रूप से बरसते रहते हैं। यदि शिष्य के मन में अहंकार, वासनाएं और इच्छाओं के बादल छाए हों, तो वह उस दिव्य प्रकाश का अनुभव नहीं कर पाता। जब मन निर्मल होता है, तभी गुरु कृपा का वास्तविक अनुभव होता है।
उन्होंने गीता में वर्णित 'अध्यात्म' के वास्तविक स्वरूप का वर्णन करते हुए कहा कि प्रत्येक जीव का वास्तविक स्वभाव दिव्य, शांत और आनंदमय है। मनुष्य जब अहंकार, मोह, इच्छाओं और विकारों की परतों को हटाता है, तब उसके भीतर स्थित परमात्मा का प्रकाश प्रकट होता है और वही सच्चे सुख एवं शांति का मार्ग है।
स्वामी जी ने कहा कि गीता केवल पढ़ने का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। यदि मनुष्य अपने प्रत्येक कर्म को ईश्वर को समर्पित करके निष्काम भाव से करे, तो उसका प्रत्येक कार्य पूजा बन जाता है। उन्होंने अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण के संबंध का उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्ण समर्पण और ईश्वर पर अटूट विश्वास ही जीवन की सभी समस्याओं का समाधान है।
उन्होंने गौसेवा, प्रभात फेरियों तथा गीता प्रचार के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक जागरण लाने के प्रयासों की भी सराहना की और सभी श्रद्धालुओं से गीता के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
सत्संग के शुभारंभ से पूर्व हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, दविंदर भल्ला, नरेंद्र पुरी, डॉ. अवनीत वड़ैच तथा केवल चावला ने विधिवत ज्योत प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके उपरांत कमलजीत कौर (जिला परिषद चेयरमैन, कुरुक्षेत्र), विनोद सिंगला एवं गीता शर्मा ने श्रद्धापूर्वक श्री भगवती गीता का पूजन किया। खाटू श्याम सेवा समिति के सदस्यों ने भक्ति भाव से गीता माता की आरती संपन्न करवाई। वहीं अन्नपूर्णा कैटर्स द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद सेवा तथा मां बाला सुंदरी मंदिर कमेटी द्वारा जूता सेवा का सराहनीय प्रबंध किया गया, जिसकी श्रद्धालुओं ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। सत्संग में बाबा भूपेंद्र सिंह पटियाले वाले और संत आत्म विभोर पुरी जी की गरिमामय उपस्थिति भी रही।
सत्संग के समापन पर श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भक्ति भाव से श्री भगवती गीता माता की सामूहिक आरती में भाग लिया तथा विश्व कल्याण, मानवता की सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए प्रार्थना की। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सत्संग में उपस्थित रहे और महाराज श्री के प्रेरणादायी विचारों से लाभान्वित हुए।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।



