व्हाट्सएप यूजर्स के लिए आया नया साइबर खतरा - बिना ओटीपी अकाउंट हो सकता है हैक, रहे सावधान : एसपी हेमेंद्र

- घोस्ट पेयरिंग' ट्रिक से ठग ले रहे हैं अकाउंट का पूरा कंट्रोल, पुलिस की सख्त चेतावनी

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भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसी (CERT-In) ने 'घोस्ट पेयरिंग' (Ghost Pairing) नामक एक खतरनाक हैकिंग कैंपेन को लेकर चेतावनी जारी की हैजिसमें साइबर अपराधी बिना पासवर्डओटीपी या सिम स्वैप के ही व्हाट्सएप अकाउंट को अपने कब्जे में ले लेते हैं।

रेवाड़ी:पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने आमजन को व्हाट्सएप पर सक्रिय एक नए और गंभीर साइबर फ्रॉड के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। 
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एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा
उन्होंने बताया कि भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसी (CERT-In) ने 'घोस्ट पेयरिंग' (Ghost Pairing) नामक एक खतरनाक हैकिंग कैंपेन को लेकर चेतावनी जारी की हैजिसमें साइबर अपराधी बिना पासवर्डओटीपी या सिम स्वैप के ही व्हाट्सएप अकाउंट को अपने कब्जे में ले लेते हैं। इस साइबर ठगी में अपराधी किसी परिचित कॉन्टैक्ट के नाम से व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध लिंक भेजते हैं, जैसे "Hi, check this photo" या "देखो यह फोटो"। जैसे ही यूजर इस लिंक पर क्लिक करता हैएक फर्जी फेसबुक या मीडिया व्यूअर पेज खुलता हैजो वेरिफिकेशन के बहाने मोबाइल नंबर डालने को कहता है। 
नंबर डालते ही हैकर्स व्हाट्सएप के 'Linked Devices via Phone Number' फीचर का गलत इस्तेमाल कर अकाउंट को अपने डिवाइस से जोड़ लेते हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस तरीके से ठग बैकग्राउंड में छिपकर यूजर के पुराने मैसेज पढ़ सकते हैंरीयल-टाइम चैट देख सकते हैं और यूजर की ओर से उसके कॉन्टैक्ट्स को फोटोवीडियो या मैसेज भेज सकते हैं। इससे नाकेवल निजता भंग होती हैबल्कि ठगी का दायरा तेजी से फैलता है। 
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि आमजन किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और किसी बाहरी वेबसाइट पर अपना मोबाइल नंबरओटीपी या निजी जानकारी दर्ज न करें। व्हाट्सएप सेटिंग्स में जाकर नियमित रूप से 'Linked Devices' सेक्शन चेक करें और यदि कोई अनजान डिवाइस जुड़ा दिखे तो तुरंत उसे लॉगआउट करें। अतिरिक्त सुरक्षा के लिए 'Two-Step Verification' को हमेशा ऑन रखें। उन्होंने कहा कि यदि किसी को संदेह हो कि उसका अकाउंट हैक हो गया हैतो तुरंत इंटरनेट बंद करेंव्हाट्सएप सेटिंग्स चेक करें और आवश्यक सुरक्षा कदम उठाएं। 
उन्होंने कहा कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी आपकी छोटी सी लापरवाही का फायदा उठा सकते हैं, इसलिए सतर्क रहेंजागरूक रहें और इस चेतावनी को अपने परिवार व मित्रों के साथ साझा करें। सतर्क रहेंसुरक्षित रहें - साइबर सुरक्षा ही सबसे मजबूत ढाल है। 
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