New Delhi News: एसआईआर विवाद के बीच चुनाव आयोग ने लिया बड़ा फैसला, यूपी-बंगाल समेत 20 राज्यों में चलेगा विशेष अभियान
एसआईआर को लेकर चल रहे आंदोलन और विवाद के बीच चुनाव आयोग एक बार फिर से उन मतदाताओं के नामों की उनके घर जाकर जांच करेगा जिनके नाम अंतिम सूची से हट गए हैं। उत्तर प्रदेश, बंगाल सहित देश के ऐसे सभी 20 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में छूटे मतदाताओं की खोजबीन और नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू हो गया है।
नई दिल्ली: एसआईआर को लेकर चल रहे आंदोलन और विवाद के बीच चुनाव आयोग एक बार फिर से उन मतदाताओं के नामों की उनके घर जाकर जांच करेगा जिनके नाम अंतिम सूची से हट गए हैं। उत्तर प्रदेश, बंगाल सहित देश के ऐसे सभी 20 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में छूटे मतदाताओं की खोजबीन और नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू हो गया है। जिसमें बीएलओ (बूथ लेवल ऑफीसर) घर-घर जाकर इसकी पड़ताल करेंगे। साथ ही मतदाता पंजीयन अधिकारी (ईआरओ) को इसकी रिपोर्ट देंगे। जो नाम जोड़ने पर अंतिम निर्णय लेंगे।

आयोग ने राज्यों को दिए गए निर्देश में साफ किया है कि इस काम को महीने भर में पूरा कर लिया जाए। जिसमें प्रत्येक बीएलओ को हफ्ते में कम से कम 20 से 25 मतदाताओं तक पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है। इससे पहले आयोग ने सभी बीएलओ से एसआईआर से पहले और एसआईआर के बाद की अंतिम मतदाता सूची में जिन मतदाताओं के नाम नहीं छूट गए है या हटा दिए गए है, ऐसे सभी नामों को एक सूची बनाने के निर्देश दिए है। बाद में इस सूची के आधार पर छूटे या हटाए गए नामों की घर-घर जाकर फिर से पड़ताल करनी है।
इनमें यदि किसी का नाम गलती से छूट गया है तो उनके नए सिरे फार्म-6 भराए जाएंगे और उसकी सूची राजनीतिक दलों से जुड़े बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के साथ साझा की जाएगी। ताकि किसी नाम को लेकर कोई आपत्ति है तो उसको तुरंत ही दूर कर लिया जाएगा। इन नए नामों को जोड़ने का काम जनप्रतिनिधि कानून 1950 व मतदाता पंजीयन नियम 1960 के तहत ही किया जाएगा। आयोग ने इसके साथ राज्यों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों (सीईओ) से भी रैन बसेरो, लेबर कॉलोनियों में रहने वाले बेघर लोगों के नामों को भी मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए है।

About The Author
संबंधित समाचार



