ईरान-अमेरिका विवाद, क्या फिर से शुरू होगी वार?

अमेरिका ईरान के बीच बढ़ते विवाद से इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता फेल होती दिख रही है।

Desh Rojana
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ईरान अमेरिका और इजराइल कॉन्फ्लिक्ट किसी बड़े युद्ध की चेतावनी दे रहा है। जिस तरह अमेरिका ईरान के बीच समझौते की कड़िया टूट रही है। एक दूसरे पर आरोप-पत्यरोप कर रहे है। उस तरह तो अमेरिका ईरान वॉर पार्ट 2 होने की संभावनाएं साफ़ दिख रही हैं। अमेरिका होर्मुज पर अपना अधिकार जमाये बैठा है तो दूसरी और ईरान भी अपनी जिद पर अड़ा है।  होर्मुज पर धमाके और गोली बारी साफ़ संकेत दिखा रहे है कि यहाँ अभी शांति के आसार नहीं है। 

 

US-Military-Attack-against-Iran_SWOT-Analysis_SpecialEurasiaअमेरिका ईरान युद्ध पर हुए सीज फायर के दो सप्ताह का समय लगभग खत्म होने हो को है। इस्लामाबाद में शांति वार्ता होनी है। लेकिन होर्मुज पर दोनों टकराव देखते हुए तो यही लगता है कि टकराव की स्थिति आगे भी बानी रहेगी।अमेरिका-ईरान के बीच शुरू होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता शुरू होने से पहले फेल होती दिख रही है। जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान है कि "यूएस नेवी ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नाकेबंदी को पार करने को कोशिश कर रहे एक ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज को कब्जे में ले लिया है। " उधर, ईरान ने बोट ड्रोन से अमेरिकी नेवी पर पलटवार का दावा किया है। 

अमेरिका-ईरान के बीच पहले दौर की शांति वार्ता फेल होने के बाद चौतरफा युद्ध शांति के लिए कूटनीतिक हल खोजने की कोशिशे की जा रही थी। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने शांति वार्ता को लेकर बड़ी जानकारी दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि हमने (ईरान) पाकिस्तान को अपना 10 सूत्रीय प्रस्ताव सौंप दिया। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका पर कूटनीतिक बातचीत को लेकर गंभीर न होने और सीजफायर के उल्लंघन का आरोप भी लगाया है। 

वहीं, रविवार सुबह अमेरिकी नेवी ने ईरानी झंडे वाले एक कार्गो जहाज को अपने कब्जे में ले लिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ये जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी को पार करने की कोशिश कर कहा था, जबकि ईरान ने बोट ड्रोन से अमेरिकी नेवी पर पलटवार का दावा किया है। ऐसे में ऐसे में सीज फायर होने पर भी उस पर पूरी तरह अमल नहीं किया गया। 

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आपको बता दें कि अमेरिका-ईरान वार्ता पर दुनिया की नजरें टिकी हैं। 7 अप्रैल से शुरू हुआ दो हफ्ते का युद्धविराम 21 अप्रैल को खत्म हो रहा है, लेकिन दूसरे दौर की बातचीत को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान डील नहीं मानता तो अमेरिका उसके हर पावर प्लांट और पुल को तबाह कर देगा।

इन सबके बीच अमेरिकी सेना ने होर्मुज की खतरनाक नाकेबंदी की हुई है। जिसको लेकर अमेरिका की नाकाबंदी से ईरान नाराज नजर आ रहा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि ईरान अमेरिका का किसी भी तरह का दबाव बर्दाश्त नहीं करेगा। 

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दूसरी तरफ इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह पर सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। डीआईएफ के मुताबिक, बिंत जुबैल और लितानी इलाके में तीन अलग-अलग घटनाओं में कुछ हथियारबंद लोग प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस आए और सैनिकों के पास पहुंचकर खतरा पैदा करने की कोशिश की। सेना का कहना है कि इस खतरे को देखते हुए उन लोगों पर कार्रवाई की गई और उन्हें मार दिया गया। 

अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य विवाद का कारण परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध, क्षेत्रीय वर्चस्व और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सैन्य तनाव है। 2026 में, ईरान द्वारा परमाणु संवर्धन बढ़ाने, अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने और हमास जैसे समूहों का समर्थन करने से संघर्ष चरम पर है। सीज फेरे के लिए जो शर्ते रखी गई थी उसने में ईरान ने कुछ शर्तों को मानने से मना कर दिया। इसी वजह से अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का साया लगातार गहराता जा रहा है। 

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इस बीच, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालीबाफ ने अमेरिका को नए सिरे से धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर जंग फिर से शुरू हुई तो ईरान युद्ध के मैदान में नए पत्ते खोलेगा। संसद स्पीकर मोहम्मद मोहम्मद बगेर गालिबफ ने मंगलवार (21 अप्रैल) सुबह तेहरान में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा, "हम धमकियों के साए में बातचीत स्वीकार नहीं करते।"

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि अमेरिका कूटनीति को आगे बढ़ाने के बारे में गंभीर नहीं था। उन्होंने दो सप्ताह के युद्धविराम के उल्लंघनों का हवाला दिया। उन्होंने कहा, "कूटनीति और बातचीत के लिए तत्परता का दावा करते हुए, अमेरिका ऐसे व्यवहार कर रहा है जो किसी भी तरह से राजनयिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में गंभीरता का संकेत नहीं देते हैं।"

यह बयान ऐसे समय आया जब दोनों पक्ष वार्ता के दूसरे दौर के लिए इस्लामाबाद पहुंचने की तैयारी में थे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए इसके जारी रहने की संभावना प्रतीत होती है। पाकिस्तान सरकार ने रेड जोन को लगभग पूरी तरह से सील कर दिया है, जहां सेरेना और मैरियट होटलों सहित प्रमुख कार्यालय और इमारतें स्थित हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने सोमवार को अमेरिका और ईरान के राजदूतों से अलग-अलग मुलाकात की। नवकी ने अपेक्षित दूसरे दौर की वार्ता के लिए सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा की।

 

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