तावडू नगर पालिका: जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर 'लूट' का खेल, ₹300 दो तो काम आसान, वरना तहसील के चक्कर काटो।
नगर पालिका तावडू में जन्म प्रमाण पत्र बनवाना अब आम जनता के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। यहाँ भ्रष्टाचार का ऐसा जाल बुना गया है जिसमें आम आदमी बुरी तरह फंस रहा है। सरकारी नियमों को दरकिनार कर ₹300 का यह अवैध खेल धड़ल्ले से सरेआम चल रहा है।
तावडू: नगर पालिका तावडू में जन्म प्रमाण पत्र बनवाना अब आम जनता के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। यहाँ भ्रष्टाचार का ऐसा जाल बुना गया है जिसमें आम आदमी बुरी तरह फंस रहा है। सरकारी नियमों को दरकिनार कर ₹300 का यह अवैध खेल धड़ल्ले से सरेआम चल रहा है। वही हम बात करें जन्म प्रमाण पत्र की तो उसकी फीस मात्र ₹55 सरकारी फीस बताई गई है लेकिन जनता से ₹55 ना लेकर सो रुपए जबरदस्ती लिए जाते हैं। जब इसके खिलाफ कुछ आवाज उठाई जाती है तो जरूरी कागजात का हवाला देकर बात को आगे बढ़ा देते हैं, और जब भी कोई साधारण व्यक्ति जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए खिड़की पर पहुंचता है, तो कर्मचारी उसे नियमों का हवाला देकर टरका देते हैं। उनसे कहा जाता है कि— "आप पहले तहसील जाइए और वहां से एफिडेविट (शपथ पत्र) बनवा कर लाइए।

एक आम आदमी के लिए तहसील जाकर एफिडेविट बनवाना समय और पैसा दोनों की बर्बादी है। कागजी कार्रवाई और तहसील की भागदौड़ से घबराकर जब व्यक्ति दोबारा मिन्नत करता है, तब असली खेल शुरू होता है। 300 रुपए में बिना एफिडेविट के 'सेटिंग'
जैसे ही पीड़ित व्यक्ति पैसे देने को राजी होता है, नियम और शर्तें अचानक बदल जाती हैं। जो काम बिना एफिडेविट के 'असंभव' बताया जा रहा था, वही काम मात्र ₹300 की रिश्वत लेकर बिना किसी एफिडेविट के तुरंत कर दिया जाता है। यानी ₹300 देते ही एफिडेविट की जरूरत खत्म हो जाती है और प्रमाण पत्र तैयार कर थमा दिया जाता है।
यह सीधा-सीधा जनता को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर उनसे पैसे ऐंठने का तरीका है। ₹10 की सरकारी फीस वाले काम के लिए ₹300 वसूलना तावडू नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर कलंक है।
"जब हम सीधे जाते हैं तो एफिडेविट मांगा जाता है, लेकिन पैसे देते ही बिना किसी कागज के काम हो जाता है। यह भ्रष्टाचार नहीं तो और क्या है।
तावडू नगर पालिका में चल रहा यह खेल अब बर्दाश्त से बाहर होता जा रहा है। लोगों को जानबूझकर तहसील और दफ्तरों के बीच फुटबॉल बनाया जा रहा है ताकि वे थक-हारकर रिश्वत देने पर मजबूर हो जाएं।




