महिला आरक्षण पर बीजेपी पर बरसे चौधरी आफताब अहमद, बोले— “सरकार नीयत साफ करे, तुरंत लागू करे 33% आरक्षण”

जब महिला आरक्षण 2023 में ही पास हो चुका है तो अभी तक लागू क्यों नहीं किया

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नूंह से कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला।

नूंह/मेवात:नूंह से कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2023 में महिला आरक्षण बिल पारित तो कर दिया, लेकिन उसे जनगणना और परिसीमन के नाम पर लटका दिया गया है।
आफताब अहमद ने आरोप लगाया कि हालिया राजनीतिक माहौल और चुनावों को देखते हुए महिलाओं को गुमराह करने के लिए यह मुद्दा उठाया गया। उन्होंने कहा कि 2026 के परिसीमन से जुड़े दस्तावेजों में कहीं भी महिला आरक्षण का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जिससे सरकार की नीयत पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास महिलाओं को सम्मान और नेतृत्व देने का रहा है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी, इंदिरा गांधी, एनी बेसेंट, सरोजिनी नायडू, नेली सेनगुप्ता आदि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष कई महिलाएं बनी जबकि बीजेपी पार्टी में आज तक कोई महिला बीजेपी की अध्यक्ष नहीं बनी है।
कांग्रेस विधायक ने मांग की कि लोकसभा की 543 सीटों में से तुरंत 33 प्रतिशत सीटों पर महिलाओं को आरक्षण लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस फैसले को तुरंत लागू करने के पक्ष में है।

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आफताब अहमद ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ते अपराध, महंगाई, बेरोजगारी और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घटनाएं सरकार की विफलता को दर्शाती हैं। उन्होंने मणिपुर और अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों पर केंद्र सरकार की चुप्पी चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रखेगी।
विधायक आफ़ताब अहमद ने कहा कि बीजेपी केंद्र सरकार महिला आरक्षण बिल की आड़ में राजनीतिक परिसीमन करना चाहती है जिससे विपक्ष सहित कांग्रेस पार्टी को आपत्ति है। उन्होंने कहा कि 2023 में महिला आरक्षण बिल पास हो गया था जिसका समर्थन कांग्रेस पार्टी सहित पूरे विपक्ष ने किया था लेकिन बीजेपी सरकार उस बिल को लागू नहीं कर रही है। आफ़ताब अहमद ने कहा कि बीजेपी की नीति और नियत नहीं है महिलाओं को आरक्षण देने की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा  महिलाओं को आगे बढ़ाया है जबकि बीजेपी ने महिला विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है। 
उन्होंने कहा कि महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी ने महिलाओं के जीवन को और कठिन बना दिया है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध बीजेपी सरकार की विफलता है। अहमद ने कहा कि मणिपुर की घटनाएं, उन्नाव कांड, हाथरस कांड, महिला खिलाड़ियों के साथ बीजेपी सरकार का रवैया किसी से छुपा नहीं है, जो बीजेपी की महिला विरोधी मानसिकता का परिचय देता है। उन्होंने कहा कि बिल्किस बानो कांड के दोषियों को बीजेपी सरकार द्वारा माफी देने का मामला सभी के सामने है।
वहीं फिरोजपुर झिरका विधायक इंजीनियर मामन खान ने कहा कि महिला आरक्षण की आड़ में राजनीतिक परिसीमन का खेल बंद करे BJP सरकार। बीजेपी सरकार ने 2023 में बिल पारित करने के बावजूद इसे जनगणना और परिसीमन के नाम पर "लटका" दिया है। हमारी मांग है कि इसे मौजूदा 543 सीटों पर तुरंत लागू किया जाए।
विधायक मामन खान ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं की आंखों में धूल झोंकने का काम किया है। महिला आरक्षण की आड़ में केंद्र सरकार का असली लक्ष्य सिर्फ राजनीतिक डीलिमिटेशन करना था। ये पूरी तरह से भाजपा का एक चुनावी प्रोपेगेंडा था, जो अब जनता को समझ आ गया है। कांग्रेस सरकार को तब तक चैन की नींद सोने नहीं देगी जब तक महिला आरक्षण देश में लागू नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि सरकार वह बिल लेकर आए, जिसे 2023 में सभी दलों ने समर्थन दिया था। उन्होंने भाजपा व एनडीए पर आरोप लगाया कि वह पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के वोटरों को गुमराह कर रही है।

 इस मौके पर जिला अध्यक्ष शहीदा खान,  महताब अहमद, सुबराती खान आदि वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

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