सख्ती : जुर्माना नहीं भरने वालों की प्रॉपर्टी होगी सील
नीलामी की प्रक्रिया भी अपना सकता है निगम
नगर निगम जुर्माना के बकायेदारों के खिलाफ सख्त हो गया है। जुर्माना नहीं भरने वालों की प्रॉपर्टी सील हो सकती है या प्रॉपर्टी नीलाम की जा सकती है।
गुरुग्राम: नगर निगम जुर्माना के बकायेदारों के खिलाफ सख्त हो गया है। जुर्माना नहीं भरने वालों की प्रॉपर्टी सील हो सकती है या प्रॉपर्टी नीलाम की जा सकती है।
निगम द्वारा ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है और उनकी संपत्तियों को सील करने के साथ-साथ नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से बकाया चालान राशि की वसूली की योजना बनाई जा रही है।
सोमवार को नगर निगम कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कनिष्ठ अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि चालान राशि की रिकवरी प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और जल्द से जल्द बकाया राशि वसूल की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि जिन अधिकारियों ने चालान किए हैं, उनकी रिकवरी सुनिश्चित करना भी उन्हीं की जिम्मेदारी है। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बिना जरूरत एस्टीमेट बनाने पर रोक
बैठक में निगमायुक्त ने विकास कार्यों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी कार्य का नया एस्टीमेट तैयार करने से पहले उसकी पूरी जानकारी प्रस्तुत की जाए। यह बताया जाए कि वह कार्य पहले कब किया गया था और अब उसे दोबारा करने की आवश्यकता क्यों है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना जरूरत कोई भी नया एस्टीमेट न बनाया जाए और उन कार्यों को पूरा करें जो पहले से स्वीकृत हैं।
लंबित मामलों पर मांगा स्पष्टीकरण
निगमायुक्त ने म्हारी सड़क पोर्टल, रोड एथीना और सीएचएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के समाधान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
म्हारी सड़क पोर्टल की समीक्षा के दौरान जिन कनिष्ठ अभियंताओं के पास 40 से अधिक शिकायतें लंबित पाई गईं, उन्हें स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए। साथ ही निगमायुक्त ने कहा कि अब इन कार्यों की साप्ताहिक आधार पर समीक्षा की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी और रविन्द्र यादव, चीफ इंजीनियर विजय ढाका सहित कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता उपस्थित रहे।

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