पृथला विद्यालय में बच्चों के लिए नालसा योजना पर कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित
हर बच्चे तक न्याय के उद्देश्य से जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने चलाया जागरूकता अभियान
राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पलवल की चेयरपर्सन राज गुप्ता के आदेशानुसार सोमवार को राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पृथला में नालसा (बाल-अनुकूल विधिक सेवाएं बच्चों के लिए) योजना, 2024 के अंतर्गत एक दिवसीय कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
पलवल: राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पलवल की चेयरपर्सन राज गुप्ता के आदेशानुसार सोमवार को राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पृथला में नालसा (बाल-अनुकूल विधिक सेवाएं बच्चों के लिए) योजना, 2024 के अंतर्गत एक दिवसीय कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पलवल के सचिव हरीश गोयल के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसका संचालन पैनल अधिवक्ता भीम सिंह तथा पैरा विधिक स्वयंसेवक सुंदर लाल सैनी द्वारा किया गया।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पलवल के सचिव हरीश गोयल ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे तक न्याय पहुंचाना है, ताकि विधिक प्रक्रिया के दौरान बच्चों को किसी प्रकार की मानसिक या भावनात्मक पीड़ा का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना में आर्थिक स्थिति की कोई बाध्यता नहीं है और प्रत्येक बच्चे को नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, चाहे उसके परिवार की आय कुछ भी हो। विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए सुलभ सुविधाओं का भी प्रावधान सुनिश्चित किया गया है।
शिविर में पैनल अधिवक्ता भीम सिंह ने बताया कि नालसा द्वारा 26 सितंबर 2024 को शुरू की गई यह योजना 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों के लिए लागू है, जिसमें दिव्यांग बच्चे भी शामिल हैं तथा यह योजना किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के तहत बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करती है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत बच्चों को नि:शुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, बाल अभिरक्षा सहित सभी मामलों में मुफ्त वकील उपलब्ध करवाए जाते हैं। साथ ही बच्चों के लिए बाल-अनुकूल न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है, जिसमें वीडियो माध्यम से गवाही, अलग प्रतीक्षालय तथा बच्चों की आयु के अनुसार न्यायालय प्रक्रिया की जानकारी दी जाती है। इसके अतिरिक्त न्यायालय में बच्चे के हितों की रक्षा हेतु प्रशिक्षित संरक्षक (गार्जियन एड लाइटम) की नियुक्ति की जाती है तथा बच्चों को आघात से उबरने, गवाही की तैयारी और सुनवाई के बाद पुन: समाज में समावेशन के लिए परामर्श एवं पुनर्वास की सुविधा भी प्रदान की जाती है। दिव्यांग बच्चों के लिए सरल भाषा, दृश्य सामग्री एवं सुलभ बुनियादी ढांचे की विशेष व्यवस्था भी इस योजना के अंतर्गत की गई है।
शिविर में यह भी बताया गया कि पैरा विधिक स्वयंसेवक विद्यालयों एवं समुदायों में जाकर जोखिम ग्रस्त बच्चों की पहचान करेंगे तथा बाल तस्करी, बाल श्रम और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे। इस योजना का लाभ 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को मिलेगा, जिनमें कानून से संघर्षरत बच्चे, अनाथ एवं परित्यक्त बच्चे, बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चे, तस्करी एवं यौन अपराध के पीडि़त बच्चे, दिव्यांग बच्चे, अभिरक्षा, संपत्ति एवं उत्तराधिकार विवादों में शामिल बच्चे, गवाह के रूप में शामिल बच्चे तथा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा से वंचित बच्चे शामिल हैं।
पात्र बच्चे या उनके अभिभावक नालसा की आधिकारिक वेबसाइट https://nalsa.gov.in/legal-

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