अरावली में अवैध खनन से खतरा, हथनगांव में पहाड़ खिसका, स्कूल की दीवार तक पहुंचे पत्थर।
उपमंडल के हथनगांव गांव में अरावली पर्वतमाला में हो रहे अवैध खनन ने गंभीर रूप ले लिया है। शनिवार को अवैध खनन के चलते पहाड़ का एक हिस्सा अचानक खिसक गया
पुन्हाना: उपमंडल के हथनगांव गांव में अरावली पर्वतमाला में हो रहे अवैध खनन ने गंभीर रूप ले लिया है। शनिवार को अवैध खनन के चलते पहाड़ का एक हिस्सा अचानक खिसक गया, जिससे भारी मात्रा में पत्थर नीचे की ओर लुढ़कते हुए पास स्थित सरकारी स्कूल की दीवार तक पहुंच गए। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के समीप अरावली क्षेत्र में लंबे समय से खनन माफिया सक्रिय है। आरोप है कि माफिया द्वारा पहाड़ों में ब्लास्टिंग कर पत्थरों को गिराया जाता है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है बल्कि आसपास रहने वाले लोगों और स्कूली बच्चों की जान भी जोखिम में पड़ गई है। शनिवार को हुई घटना ने इन आशंकाओं को और गहरा कर दिया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक शनिवार को अचानक तेज आवाज के साथ पहाड़ का हिस्सा दरकने लगा और कुछ ही देर में बड़े-बड़े पत्थर नीचे गिरते हुए स्कूल की ओर आ गए। गनीमत रही कि उस समय स्कूल में बच्चे नहीं थे। शनिवार होने के कारण स्कूल की दोपहर बाद छुट्टी हो चुकी थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, यदि यह घटना स्कूल समय के दौरान होती तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
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ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मिलकर पुलिस अधीक्षक को भी अवैध खनन की शिकायत सौंपी थी। इसके बावजूद न तो बिछोर थाना पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई की और न ही माइनिंग विभाग ने इस ओर ध्यान दिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ढिलाई के चलते खनन माफिया बेखौफ होकर दिन-रात पहाड़ों को खोखला कर रहे हैं। इससे क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
गांव के एक बुजुर्ग ने बताया कि पहले अरावली की पहाड़ियां क्षेत्र की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन का आधार थीं, लेकिन अब लगातार हो रहे अवैध खनन से ये कमजोर हो चुकी हैं। पहाड़ों के टूटने से जमीन धंसने और जल स्रोतों पर भी असर पड़ रहा है।
वहीं, अभिभावकों में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि स्कूल के पास इस तरह का खनन बेहद खतरनाक है और इसे तुरंत बंद कराया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में स्थायी निगरानी व्यवस्था लागू की जाए। इस मामले में जब जिला खनन अधिकारी सुरेन्द्र सोलंकी से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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’’मामला उनके संज्ञान में नहीं है, अगर पहाड में अवैध खनन किया जा रहा है कि पुलिस की टीम मौके का निरीक्षण कर पूरी स्थिति का पता लगाएगी। अवैध खनन से संबंधित मामला मिलता है तो ऐसे लोगों पर कार्यवाही की जाएगी।’’
राजबीर सिंह, थाना प्रभारी बिछोर

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