प्रशासन की मुस्तैदी से रुका बाल विवाह, परिजनों को दी गई कानूनी जानकारी

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उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने हेतु पूर्ण रूप से सक्रिय है।

फरीदाबाद: उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने हेतु पूर्ण रूप से सक्रिय है। आगामी 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के पर्व के मद्देनजर जिलेभर में व्यापक स्तर पर सघन जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

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इसी क्रम में प्रशासन की सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप संतोष नगर क्षेत्र में होने वाले एक बाल विवाह को समय रहते सफलतापूर्वक रोक दिया गया। बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन को संतोष नगर क्षेत्र में बाल विवाह की सूचना प्राप्त हुई थी। तत्पश्चात, स्कूल के माध्यम से बच्ची की आयु का सत्यापन किया गया, जिसमें उसकी आयु लगभग 15 वर्ष 6 माह पाई गई।
जांच में यह भी सामने आया कि जिस युवक से विवाह प्रस्तावित था, उसकी आयु 23 वर्ष है तथा वह दिल्ली का निवासी है। प्रशासन द्वारा युवक के परिजनों को बुलाकर उनसे लिखित आश्वासन लिया गया तथा उन्हें बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। उन्हें अवगत कराया गया कि नाबालिग से विवाह करना एक दंडनीय अपराध है, जिसके तहत कारावास का प्रावधान भी है। साथ ही, लड़की के पिता को भी समझाया गया। इसके बाद लड़की के पिता, लड़के के पिता और स्वयं लड़के ने यह आश्वासन दिया कि वे नाबालिग बच्ची से विवाह नहीं करेंगे।
परिजनों द्वारा बताया गया कि आर्थिक तंगी के चलते वे इस विवाह की योजना बना रहे थे, जबकि युवक के परिवार ने यह कहा कि उन्हें बालिका के नाबालिग होने की जानकारी नहीं थी। जिला प्रशासन की तत्परता, संवेदनशीलता एवं समय पर हस्तक्षेप के कारण इस बाल विवाह को रोका जा सका।
उन्होंने आम जनता से अपील करता है कि वे सतर्क और जागरूक रहें। अक्षय तीज के अवसर पर जिले में कोई भी बाल विवाह न होने दें। यदि कहीं ऐसी सूचना मिले, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। इसके लिए 112 या 181 पर कॉल करें या नजदीकी थाना/चौकी में जानकारी दें।

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