खेती किसानी की अच्छी जानकारी रखते हैं तो बनें Seed Grower यानि बीज उत्पादक।
बीज की समझ रखने वाले किसान बीज उत्पादक बन कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
किसान बनें तो ऐसे जो मिसाल बनें। खेती किसानी तो सभी कर लेते हैं लेकिन एक्सपर्ट बनते है बीज उत्पादक किसान। देश की कई संस्थाएं बीजों की नई-नई किस्में बनाने में जुटी है। ऐसे में इस संस्थाओं को आवश्यकता होती है कुछ एक्सपर्ट किसानों की जो बीज बनाने में उनकी मदद कर स्कैन। जिसमें कोई भी किसान आपली कर सकता है और अच्छा मुनाफा काम सकता है।
सर्टिफाइड यानि प्रमाणित बीज अच्छी खेती की नीव होते है बीज अच्छा तो खेती अच्छी और मुनाफा भी अच्छा ही होगा। अगर बीझ अच्छा नहीं है तो इससे फसल और उसमें लगने वाली लगत बर्बाद हो सकती है। इसलिए कहा जाता है कि Certified या प्रमाणित बीज सफल खेती की नीव होते हैं, देश की विभिन्न सरकारी संस्थाएं प्रमाणित बीज बनाने के काम में जुटी हैं। सर्टिफाइड बीज बनाने के लिए विशेषज्ञों द्वारा निर्धारित मूल्यों के अनुसार पहले ब्रीडर फिर फाउंडेशन और उसके बाद तैयार किये जाते हैं सर्टिफाइड सीड्स। इन सर्टिफाइड बीजों को तैयार करने के लिए कुछ किसानों की मदद ली भी जाती है और उन्हें कहा जाता है Seed Grower यानि बीज उत्पादक। सामन्य तौर पर खेती करने वाले किसानों के मुकाबले इनकी आय कहीं ज़्यादा होती है। यदि आप भी बनना चाहते है बीज उत्पादक तो आइये जानते हैं एक बीज उत्पादक को क्या करना होता है और उसमे कौन-कौन सी योग्यताएं होनी चाहिए।
योग्यताएं
बीज उत्पादक को संस्थान द्वारा बड़े सोच समझ कर चुना जाता है। उसकी योग्य देखि जाती। जो खेती का अच्छा ज्ञान रखते हो, थोड़ा बहुत किताबी ज्ञान होना भी ज़रूरी है ताकि फसल में डे-बाई-डे होने वाले अच्छे-बुरी बदलावों को नोट कर सकें
क्या करते हैं बीज उत्पादक ?
बीज उत्पादन कार्यक्रम में भाग लेने वाले कृषकों को केंद्र व राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम, कृषि महाविद्यालय या मान्यता प्राप्त संस्थान के वितरण केन्द्रों से बीज उत्पादन के लिए सर्टिफाइड श्रेणी के फाउंडेशन यानि प्रमाणित बीज खरीदने होते हैं और बीज तैयार होने पर संस्था को वापस करने होते हैं ताकि संशन अपने हिसाब से कीणाओं को उनका वितरण कर सकें।

पंजीयन
बीज उत्पादन संस्था द्वारा चुने जाने पर पंजीयन के समय खरीदे गए बीजों का बिल, नकद पर्ची, टैग्स आदि आवेदन पत्र के साथ अटैच करें। ताकि आपके पास प्रमाण मौजूद रहे कि आप कौन सा बीज ऊगा रहे हैं।
निर्धारित समय सीमा
बीज लेने के बाद बीज संस्था द्वारा बताई गए निर्धारित समय पर बोया और काटा जाता है। उसमें दो-चार दिन का वक्त ऊपर-नीचे हो सकता है लेकिन ज़्यादा दिन नहीं लगने चाहिए नहीं तो संथा को बीज आगे देने में परेशानी होगी।
फसल स्थिति और निगरानी
बीज प्रमाणीकरण के लिए फसल उगाते समय प्रत्येक उत्पादक कृषक के लिए यह आवश्यक होता है, कि वह बताये गए कृषि सम्बन्धी कार्य विधियों का पालन करें जैसे :- खेत में केवल एक ही किस्म की फसल बोई जाये, संस्था द्वारा दिए बीज ही लगाए जाए। फसल की आयु व बढ़वार समान हो, यदि फसल में कोई अन्य बीज मिक्स हो जाएँ तो उन्हें निकाल दें, संकर बीजों के नर और मादा पौधों की पंक्तियाँ अलग-अलग लगाई जाएँ, ध्यान रखें कि फसल में रोग और कीट ना लगें, ध्यान रखे कि फसल की कटाई से पहले ही सभी खरपतवार और अन्य पौधों को हटा दें।

कटाई, गहाई एवं ढुलाई
बीज फसल की कटाई, गहाई और ढुलाई के समय अन्य किसी भी तरह का बीज इसमें मिलना नहीं चाहिए, प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारी समय समय पर इसका निरिक्षण करते हैं। लेकिन यदि अधिकारी बार-बार निरिक्षण नहीं कर पाते हैं तो पूरी ईमानदारी से, बताये गए नियमों का पालन करें। तथा कटाई, गहाई या ढुलाई आदि करने के दो-तीन दिन पहले संस्था के अधिकारीयों को सूचित करें ताकि इसका निरीक्षण किया जा सके।
बीज उत्पादक द्वारा बरती जाने वाली सावधानियां
कटाई – हार्वेस्टर मशीन द्वारा कटाई करने पर बीज प्रभावित हो सकते हैं इसलिए पहले इसके ड्रम की अच्छे से सफाई कर लें।
गहाई – कभी भी दो अलग-अलग किस्मों के ढेर आसपास ना बनाएं, एक किस्म के बीज हटाकर उस स्थान को साफ़ करें तभी अगले बीज या फसल की गहाई वहां पर करें
ढुलाई – खलिहान से बीज को बोरों में भर कर उन पर अपना नाम, रजिस्ट्रशन नंबर, फसल और किस्म आदि लिखकर बोरों का मुहं बंद कर दें। केंद्र पर ले जाकर तुलाई करवाएं और इसकी रसीद भी ले लें।
ये बीज आम फसल के मुकाबले दोगुने दाम पर खरीदे जाते हैं , इसलिए बीज की समझ रखने वाले किसान बीज उत्पादक बन कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।




